सीजी भास्कर 1 फरवरी India Export Hub Budget 2026 : केंद्रीय बजट 2026 को लेकर सियासी प्रतिक्रियाओं का सिलसिला जारी है। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने बजट को संतुलित और समग्र बताते हुए कहा है कि इस बार सरकार के फैसले अलग-अलग दिशा में नहीं, बल्कि एक-दूसरे से जुड़े हुए नजर आते हैं। उनके मुताबिक बजट की रूपरेखा साफ तौर पर भारत को वैश्विक स्तर पर मजबूत करने की सोच को दर्शाती है।
मैन्युफैक्चरिंग से एक्सपोर्ट तक जुड़ी रणनीति
स्मृति ईरानी ने कहा कि बजट में मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट को अलग-अलग सेक्टर की तरह नहीं देखा गया है। सरकार ने दोनों को एक ही चेन का हिस्सा मानते हुए योजनाएं पेश की हैं। उनका मानना है कि यही सोच भारत को Global Manufacturing Strategy के जरिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धी बना सकती है।
इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में बड़ा उछाल
उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का उदाहरण देते हुए बताया कि 2014-15 में जहां इस सेक्टर का एक्सपोर्ट करीब 5 बिलियन डॉलर के आसपास था, वहीं अब यह बढ़कर लगभग 35 बिलियन डॉलर तक पहुंच चुका है। स्मृति ईरानी के अनुसार यह बदलाव नीतिगत स्थिरता और लगातार निवेश का नतीजा है।
सेमीकंडक्टर और इक्विपमेंट पर फोकस
बजट में सेमीकंडक्टर और इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग के लिए किए गए 40 हजार करोड़ रुपये के प्रावधान को उन्होंने भविष्य के लिहाज से अहम बताया। उनका कहना है कि यह निवेश केवल तकनीकी आत्मनिर्भरता नहीं बढ़ाएगा, बल्कि रोजगार और Technology Driven Exports को भी नई दिशा देगा।
रेयर अर्थ मिनरल्स पर बदली नीति
रेयर अर्थ मिनरल कॉरिडोर के प्रस्ताव पर बात करते हुए स्मृति ईरानी ने कहा कि भारत के पास दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा रिजर्व है, लेकिन वैश्विक उत्पादन में हिस्सेदारी अभी भी बेहद सीमित है। बजट में अब एक्सपोर्ट के साथ-साथ घरेलू उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया गया है, जिससे रणनीतिक क्षेत्रों में भारत की भूमिका मजबूत हो सकेगी।
आत्मनिर्भरता से वैश्विक भागीदारी तक
उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा केवल आत्मनिर्भर बनने तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत को वैश्विक सप्लाई चेन का अहम हिस्सा बनाने की है। बजट के प्रावधान इसी दिशा में संकेत देते हैं कि आने वाले वर्षों में भारत सिर्फ बाजार नहीं, बल्कि उत्पादन और निर्यात का केंद्र बनेगा।




