सीजी भास्कर 3 फ़रवरी कभी ऐसा हुआ कि आपने किसी ऑनलाइन स्टोर पर जूते देखे और कुछ ही मिनटों में वही जूते Instagram या Facebook पर विज्ञापन बनकर सामने आ गए? यह संयोग नहीं, बल्कि Social Media Data Tracking का नतीजा है। यूजर की ऑनलाइन गतिविधियों का एक बड़ा हिस्सा ऐप्स के बाहर से भी प्लेटफॉर्म तक पहुंचता है, जिससे आपकी पसंद-नापसंद का डिजिटल प्रोफाइल बनता है।
Meta ने यूजर्स को एक फीचर दिया है, जिसे Your Activity Off Meta Technologies कहा जाता है। इसके जरिए प्लेटफॉर्म यह दिखाता है कि Facebook और Instagram के बाहर आपकी किन वेबसाइट्स और ऐप्स की जानकारी उसके पास पहुंच रही है। (Off-Meta Activity) के तहत ई-कॉमर्स, ट्रैवल और फूड डिलीवरी जैसे प्लेटफॉर्म्स से डेटा जुड़ता है, ताकि विज्ञापन ज्यादा सटीक दिखाए जा सकें।
Social Media Data Tracking: कौन-कौन भेज रहा आपकी जानकारी
यूजर चाहें तो खुद देख सकते हैं कि हाल के दिनों में कौन-कौन सी वेबसाइट या ऐप उनकी एक्टिविटी Meta तक भेज रही है। प्रोफाइल सेटिंग्स में जाकर अकाउंट्स सेंटर खोलने पर पूरी लिस्ट सामने आ जाती है। यहां साफ दिखाई देता है कि कौन-सा बिजनेस आपकी ब्राउज़िंग या सर्च से जुड़ी जानकारी शेयर कर रहा है। (Data Source List) यूजर्स के लिए आंखें खोलने वाला सेक्शन साबित होता है।
अगर आप नहीं चाहते कि हर क्लिक और सर्च का डेटा विज्ञापन में बदले, तो Off-Meta Activity सेक्शन में जाकर अलग-अलग वेबसाइट्स को डिस्कनेक्ट किया जा सकता है। चाहें तो पूरी हिस्ट्री एक साथ क्लियर करने का विकल्प भी मिलता है। इससे पहले से जुड़ा डेटा अकाउंट से हट जाता है और आगे की ट्रैकिंग सीमित हो जाती है। (Ad Personalization Control) यहीं से काम करता है।
Social Media Data Tracking पूरी तरह बंद कैसे करें
Meta यूजर्स को भविष्य की ट्रैकिंग रोकने का भी विकल्प देता है। एक सेटिंग ऑन करते ही बाहरी ऐप्स और वेबसाइट्स से नई एक्टिविटी अपने-आप शेयर नहीं होती। इसका असर यह होता है कि विज्ञापन कम पर्सनलाइज्ड दिखते हैं, लेकिन प्राइवेसी पर आपका कंट्रोल बढ़ जाता है। (Privacy Control Setting) उन यूजर्स के लिए खास है, जो डेटा शेयरिंग को लेकर सतर्क हैं।
यूजर्स चाहें तो अपना पूरा Off-Meta डेटा डाउनलोड भी कर सकते हैं। यह फाइल फोन या क्लाउड स्टोरेज में सेव की जा सकती है। डाउनलोड की गई जानकारी से यह समझना आसान हो जाता है कि समय-समय पर कौन-सी एक्टिविटी रिकॉर्ड हुई और किस तरह इस्तेमाल की गई। (Data Transparency) का यह विकल्प यूजर अवेयरनेस बढ़ाने में मदद करता है।




