सीजी भास्कर, 04 फरवरी। छत्तीसगढ़ पर्यटन को नई दिशा देने की कवायद के तहत छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड की पहल पर मेंद्री घूमर जलप्रपात के समीप एक भव्य रिसोर्ट के निर्माण की प्रक्रिया (Mendri Ghumar Waterfall Resort) तेज कर दी गई है। इस परियोजना को अमलीजामा पहनाने के लिए लोहंडीगुड़ा प्रशासन सक्रिय हो गया है और ग्राम मेंद्री स्थित जेल विभाग की भूमि को पर्यटन विभाग को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
तहसीलदार न्यायालय लोहंडीगुड़ा द्वारा जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, पर्यटन बोर्ड ने मेंद्री घूमर जलप्रपात के आसपास पर्यटकों की सुविधाओं के विस्तार और रिसोर्ट निर्माण के लिए भूमि आवंटन का प्रस्ताव (Mendri Ghumar Waterfall Resort) प्रस्तुत किया था। इसके बाद शासकीय भूमि को पर्यटन विभाग के नाम हस्तांतरित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है।
प्रशासन ने रिसोर्ट निर्माण के लिए ग्राम मेंद्री में खसरा नंबर 50, 77, 179 और 184 के अंतर्गत कुल 20.28 हेक्टेयर भूमि को चिन्हित किया है। इस भू-भाग पर रिसोर्ट के साथ-साथ अन्य पर्यटन सुविधाओं के विकसित होने की संभावना है, जिससे क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
आपत्तियों के लिए सार्वजनिक सूचना जारी
भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए रखने के लिए प्रशासन ने आम नागरिकों के लिए इश्तहार (Mendri Ghumar Waterfall Resort) जारी किया है। इसमें कहा गया है कि यदि किसी व्यक्ति, संस्था या विभाग को उक्त भूमि को पर्यटन विभाग को सौंपे जाने पर कोई आपत्ति या दावा है, तो वे सूचना प्रकाशन के 15 दिनों के भीतर तहसीलदार न्यायालय, लोहंडीगुड़ा में स्वयं या अधिवक्ता के माध्यम से लिखित आपत्ति प्रस्तुत कर सकते हैं।
इस मामले की सुनवाई के लिए 7 फरवरी 2026 की तिथि निर्धारित की गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि तय समय-सीमा के बाद प्राप्त आपत्तियों पर कोई विचार नहीं किया जाएगा। यदि कोई आपत्ति नहीं आती है, तो भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूर्ण कर रिसोर्ट निर्माण का रास्ता साफ हो जाएगा।
पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि मेंद्री घूमर जलप्रपात के पास रिसोर्ट बनने से न केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर भी पैदा होंगे।




