सीजी भास्कर, 04 फरवरी। छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं के लिए आज का दिन विशेष आस्था और उत्साह से भरा रहा, जब भगवान राम की जन्मभूमि और काशी विश्वनाथ धाम के दर्शन के लिए सैकड़ों भक्त एक साथ (Kashi Vishwanath darshan yatra) रवाना हुए। राज्य सरकार की इस पहल ने धार्मिक पर्यटन को नई गति दी है।
राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी धार्मिक पर्यटन योजना के तहत आज बिलासपुर रेलवे स्टेशन से 850 श्रद्धालुओं को लेकर एक विशेष ट्रेन अयोध्या धाम के लिए रवाना हुई। इस यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन का भी लाभ मिलेगा।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य (Kashi Vishwanath darshan yatra) कर रही है। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल और IRCTC के सहयोग से यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
बिलासपुर स्टेशन पर दिखा भक्तिमय उत्सव
बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर सुबह से ही भक्तिमय माहौल नजर आया। ‘जय श्री राम’ के जयघोष से पूरा परिसर गूंज उठा। श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते नजर आए, वहीं स्टेशन को फूलों, रंगोली और भगवा ध्वजों से सजाया गया था। छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड और आईआरसीटीसी के कर्मचारियों ने यात्रियों का स्वागत चाय, नाश्ता और स्मृतिचिन्ह देकर किया।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी, मुंगेली जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीकांत पांडे, सभापति अंबालिका साहू सहित प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
श्रद्धालुओं के चेहरे पर दिखी खुशी
ट्रेन में सवार श्रद्धालुओं ने यात्रा को लेकर खुशी जाहिर की। मुंगेली निवासी सुनीता बाई ने बताया कि उन्हें पहली बार अयोध्या धाम जाने का सौभाग्य (Kashi Vishwanath darshan yatra) मिल रहा है। वहीं बिलासपुर के रामेश्वर साहू ने कहा कि स्टेशन का माहौल और सरकार की व्यवस्थाएं देखकर यह यात्रा जीवन भर की याद बन जाएगी।
योजना के तहत श्रद्धालुओं को निःशुल्क यात्रा टिकट, शाकाहारी भोजन और चिकित्सा सुविधा प्रदान की जा रही है। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल यात्रा का समग्र प्रबंधन कर रहा है, जबकि आईआरसीटीसी टिकटिंग, भोजन और दर्शन की व्यवस्था सुनिश्चित कर रहा है। यह पहल न केवल धार्मिक आस्था को सशक्त कर रही है, बल्कि सांस्कृतिक एकता और पर्यटन को भी नई पहचान दे रही है।




