सीजी भास्कर, 05 फरवरी | मुंगेली। छत्तीसगढ़ के राजनीतिक और प्रशासनिक रूप से अहम जिलों में शुमार मुंगेली में पुलिस व्यवस्था एक गंभीर संकट से गुजर रही है। Mungeli Police Staff Shortage अब सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं, बल्कि इसका असर सीधे कानून-व्यवस्था और जमीनी पुलिसिंग पर दिखने लगा है। जिले में स्वीकृत पदों की तुलना में लगभग आधा पुलिस बल ही सक्रिय ड्यूटी में मौजूद है, जिससे पूरे सिस्टम पर दबाव बढ़ता जा रहा है।
DSP लेवल पर निगरानी तंत्र लगभग ठप
जिले में उप पुलिस अधीक्षक (DSP) के कुल 5 स्वीकृत पद हैं, लेकिन वर्तमान में केवल 2 अधिकारी पदस्थ हैं। इनमें से एक डीएसपी मेटरनिटी अवकाश पर हैं, ऐसे में व्यवहारिक रूप से जिले की कमान सिर्फ एक डीएसपी के भरोसे है। विशेषज्ञों के मुताबिक, District Policing Crisis का सबसे बड़ा असर पर्यवेक्षण और प्रशासनिक नियंत्रण पर पड़ता है, जो फिलहाल कमजोर होता नजर आ रहा है।
थानों में TI की कमी, विवेचना पर असर
निरीक्षक स्तर पर हालात भी संतोषजनक नहीं हैं।
- स्वीकृत पद: 12
- पदस्थ: 6
- रिक्त: 6
आधे से अधिक थाने और इकाइयां स्थायी थाना प्रभारी के बिना संचालित हो रही हैं। इसका सीधा असर अपराध विवेचना, शिकायत निपटान और स्थानीय पुलिसिंग पर पड़ रहा है, जिसे नजरअंदाज करना मुश्किल है।
Sub Inspector Shortage ने बढ़ाई फील्ड चुनौती
उप निरीक्षक स्तर पर स्थिति और अधिक चिंताजनक है।
- स्वीकृत पद: 30
- पदस्थ: 15
- रिक्त: 15
यही नहीं, सहायक उप निरीक्षक के 45 पदों में से 9 अभी भी खाली हैं। Law and Order Pressure लगातार बढ़ रहा है, जबकि फील्ड में निर्णय लेने वाले अधिकारी सीमित होते जा रहे हैं।
आरक्षक बल भी पूरा नहीं, फील्ड ड्यूटी प्रभावित
आरक्षक स्तर पर भी बड़ा अंतर सामने आया है।
- स्वीकृत पद: 442
- पदस्थ: 390
- रिक्त: 52
इस कमी के चलते त्योहारों, ग्रामीण गश्त, यातायात नियंत्रण और आकस्मिक घटनाओं में पर्याप्त बल जुटाना चुनौती बनता जा रहा है।
VIP Movement से और बढ़ता है दबाव
मुंगेली का राजनीतिक महत्व इसे और संवेदनशील बनाता है। जिले से राज्य और केंद्र स्तर के प्रमुख जनप्रतिनिधि जुड़े होने के कारण वीआईपी और वीवीआईपी मूवमेंट लगातार बना रहता है। इन दौरों के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल सुरक्षा ड्यूटी में तैनात हो जाता है, जिससे ग्रामीण और शहरी इलाकों में नियमित पुलिसिंग प्रभावित होती है। इसे VIP Security Load के रूप में देखा जा रहा है।
उच्च अधिकारियों का आश्वासन, लेकिन ज़मीनी इंतज़ार
हालिया दौरे के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने रिक्त पदों की पूर्ति और संसाधन बढ़ाने का भरोसा दिलाया है। हालांकि, स्थानीय जानकारों का मानना है कि यदि जल्द ही स्वीकृत पदों के अनुरूप तैनाती नहीं हुई, तो आने वाले राजनीतिक कार्यक्रमों, चुनावी गतिविधियों और बढ़ते जनदबाव के बीच कानून-व्यवस्था संभालना और कठिन हो सकता है।




