सीजी भास्कर, 05 फरवरी | Bijapur Naxal Encounter : बीजापुर जिले के पेद्दागेलूर जंगल क्षेत्र में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच चल रही मुठभेड़ ने एक अहम मोड़ ले लिया है। घने जंगलों में हुई इस आमने-सामने की कार्रवाई में कुख्यात नक्सली कमांडर उधम सिंह के मारे जाने की पुष्टि हुई है। यह मुठभेड़ नक्सल विरोधी अभियान के तहत चल रहे सर्च ऑपरेशन के दौरान सामने आई।
Bijapur Naxal Encounter में DRG और COBRA की संयुक्त कार्रवाई
जानकारी के मुताबिक, डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG) और सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन संयुक्त रूप से इलाके में ऑपरेशन चला रही थी। इसी दौरान नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में सुरक्षाबलों ने मोर्चा संभाला। मुठभेड़ के बाद घटनास्थल से एक ऑटोमैटिक AK-47 राइफल और एक नक्सली का शव बरामद किया गया।
उधम सिंह की मौजूदगी से बढ़ा था खतरा
मारा गया नक्सली कमांडर उधम सिंह लंबे समय से क्षेत्र में सक्रिय था और कई वारदातों में उसकी भूमिका मानी जाती रही है। सुरक्षा एजेंसियों के लिए उसकी मौजूदगी एक बड़ी चुनौती बनी हुई थी। पेद्दागेलूर और आसपास के जंगलों में उसकी गतिविधियों की लगातार सूचना मिल रही थी।
मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बीजापुर पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव ने बताया कि पूरे इलाके में सघन सर्च ऑपरेशन जारी है। सुरक्षा बल किसी भी संभावित नक्सली मूवमेंट को लेकर सतर्क हैं और जंगल क्षेत्र को चारों ओर से खंगाला जा रहा है।
नक्सल नेटवर्क पर बड़ा दबाव
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस कार्रवाई से क्षेत्र में सक्रिय नक्सली नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। एक शीर्ष कमांडर के मारे जाने से संगठनात्मक ढांचे और मनोबल दोनों पर असर पड़ना तय माना जा रहा है। ऑपरेशन पूरा होने के बाद विस्तृत जानकारी साझा किए जाने की बात कही गई है।




