Railway Track Rescue : दुर्ग जिले में ड्यूटी पर तैनात आरक्षक रमेश जायसवाल ने समय रहते एक युवक की जान बचाकर पुलिस की मानवीय और संवेदनशील छवि को मजबूत किया है। 27 दिसंबर की रात करीब 01:30 बजे धमधा नाका रेलवे ट्रैक पर एक युवक के आत्महत्या के इरादे से लेटने की सूचना मिली थी, जिस पर बिना देरी किए पुलिस टीम मौके पर पहुंची।
जान बचाते हुए खुद हुए घायल
मौके पर पहुंचने के बाद आरक्षक रमेश जायसवाल, बैच क्रमांक 952, चालक लकेश्वर ने वहां मौजूद आम नागरिकों की मदद से युवक को रेलवे ट्रैक से सुरक्षित बाहर निकाला। इस दौरान आरक्षक की कमर और पैर में गंभीर चोट आई, लेकिन उन्होंने परवाह किए बिना युवक को सुरक्षित हटाना प्राथमिकता दी।
तत्काल इलाज और परिजनों को सूचना
घायल आरक्षक को तुरंत मेडिकल उपचार के लिए जिला अस्पताल दुर्ग ले जाया गया, जहां उनका इलाज किया गया। साथ ही युवक के परिजनों को भी तत्काल सूचना दी गई, जिससे परिवार समय रहते मौके पर पहुंच सका। पुलिस की इस तत्परता से एक परिवार को जीवन भर का दर्द झेलने से बचा लिया गया।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने किया सम्मानित
आरक्षक रमेश जायसवाल के इस साहसिक और मानवता से भरे कार्य को देखते हुए उमनी/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। यह सम्मान न केवल एक आरक्षक की बहादुरी को दर्शाता है, बल्कि समाज के प्रति पुलिस की जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का भी प्रतीक है।
सेवा, साहस और संवेदना की मिसाल
यह घटना बताती है कि वर्दी सिर्फ कानून का प्रतीक नहीं, बल्कि संकट के समय उम्मीद की आखिरी किरण भी होती है। दुर्ग पुलिस के इस प्रयास ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सही समय पर लिया गया एक फैसला कई जिंदगियों को रोशनी दे सकता है।




