सीजी भास्कर, 07 फरवरी | Girls Ashram Superstition Case : कांकेर जिले के शासकीय कन्या आश्रम से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक शिक्षिका पर छात्राओं को भूत-प्रेत के नाम पर डराने और मानसिक रूप से दबाव में रखने का आरोप लगा है। आरोप है कि पढ़ाई और अनुशासन के स्थान पर अंधविश्वास का सहारा लेकर छात्राओं को भयभीत किया गया।
छात्राओं ने बयां की आपबीती
आश्रम में रहने वाली छात्राओं और वहां कार्यरत महिला कर्मचारियों के अनुसार, शिक्षिका द्वारा बार-बार कमरों में नकारात्मक शक्तियों की मौजूदगी की बातें कही जाती थीं। इससे कई छात्राएं डर के साए में रहने को मजबूर हो गईं और उनकी दिनचर्या तक प्रभावित होने लगी।
शिकायत के बाद पहुंची जनप्रतिनिधि
मामले की जानकारी मिलते ही जिला पंचायत सदस्य मृदुला भास्कर आश्रम पहुंचीं। उन्होंने छात्राओं से बातचीत कर स्थिति को समझा और मौके पर मौजूद शिक्षिका को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिक्षा के नाम पर अंधविश्वास फैलाना किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।
मानसिक स्वास्थ्य से खिलवाड़ का आरोप
जनप्रतिनिधि ने पूरे मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि छात्राओं का भविष्य और मानसिक स्वास्थ्य प्राथमिकता है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित शिक्षिका पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस तरह की हरकतें शिक्षा व्यवस्था की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं।
पूर्व में भी उठ चुके हैं सवाल
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, संबंधित शिक्षिका पर पहले भी अनुशासनहीनता को लेकर सवाल उठ चुके हैं। इसके बावजूद आश्रम परिसर में उनकी मौजूदगी और गतिविधियों को लेकर स्पष्ट निगरानी नहीं होने से यह स्थिति बनी।
प्रशासन की भूमिका पर खड़े हुए सवाल
इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि बिना निर्धारित ड्यूटी के आश्रम में शिक्षिका की सक्रियता कैसे बनी रही। साथ ही, अंधविश्वास जैसे संवेदनशील मामले पर समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
जांच के बाद होगी अगली कार्रवाई
फिलहाल पूरे प्रकरण की जानकारी उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा, ताकि भविष्य में छात्राओं को इस तरह की मानसिक प्रताड़ना का सामना न करना पड़े।




