सीजी भास्कर, 07 फरवरी। छत्तीसगढ़ के सुदूर वनांचल और लंबे समय तक संघर्षों के लिए पहचाने जाने वाले अबूझमाड़ ने शनिवार को अपनी प्रतिभा (Tribal Sports Talent) का परचम लहराया। जगदलपुर के लालबाग मैदान में आयोजित संभाग स्तरीय बस्तर पण्डुम के शुभारंभ समारोह में अबूझमाड़ मल्लखंब एंड स्पोर्ट्स एकेडमी के नन्हे खिलाड़ियों ने देश की सर्वोच्च संवैधानिक पदाधिकारी राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के समक्ष मल्लखंब की अद्भुत प्रस्तुति देकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने की प्रशंसा, ताली बजाकर हौसला बढ़ाया
यह पहला अवसर था जब अबूझमाड़ क्षेत्र के बच्चों ने एक साथ राष्ट्रपति के समक्ष मल्लखंब का जीवंत और साहसिक (Tribal Sports Talent) प्रदर्शन किया। लकड़ी के खंभे पर जब इन नन्हे कलाकारों ने असाधारण संतुलन, फुर्ती और कठिन करतबों का प्रदर्शन किया, तो मैदान में मौजूद दर्शक विस्मय से भर उठे। जोश, अनुशासन और उत्कृष्ट तकनीक से सजी इस प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को भावविभोर कर दिया।
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु स्वयं बच्चों की प्रतिभा से अत्यंत प्रभावित हुईं । उन्होंने न केवल उनके साहस, कला और अनुशासन की मुक्तकंठ से प्रशंसा की, बल्कि उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी प्रदान कीं।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि की नींव नारायणपुर जिले के उन दुर्गम और बीहड़ इलाकों में पड़ी है, जहां आज भी बुनियादी सुविधाएं सीमित हैं। कुटूर, करपा और परपा जैसे सुदूर वनांचलों से निकलकर इन बच्चों ने यह सिद्ध कर दिया कि प्रतिभा न तो संसाधनों की मोहताज होती है और न ही भौगोलिक सीमाओं की।
इस संघर्षपूर्ण यात्रा के प्रेरणास्रोत मनोज (Tribal Sports Talent) प्रसाद हैं, जो एकेडमी के संस्थापक होने के साथ-साथ 16वीं बटालियन में आरक्षक के रूप में अपनी सेवाएं भी दे रहे हैं। उनके कुशल नेतृत्व, अनुशासन और सतत मार्गदर्शन में इन बच्चों ने अभावों को पीछे छोड़ते हुए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।
इन नन्हे मल्लखंब खिलाड़ियों ने ‘इंडियाज गॉट टैलेंट’ का खिताब जीतकर और ‘रोमानियाज गॉट टैलेंट’ में उपविजेता बनकर पहले ही वैश्विक मंच पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।
भारत सहित विश्व के विभिन्न देशों में 40 से 50 से अधिक टेलीविजन शो, देशभर में सैकड़ों मंचीय प्रस्तुतियों, तथा अनेक प्रतियोगिताओं में स्वर्ण और रजत पदक जीतकर यह टोली निरंतर सफलता के नए आयाम स्थापित कर रही है।
अब यह दल अपनी मिट्टी की खुशबू, लोक-संस्कृति और अद्वितीय कौशल को और अधिक सशक्त रूप में सात समंदर पार ले जाने के लिए (Tribal Sports Talent) तैयार है। एकेडमी का अगला लक्ष्य भविष्य में ‘अमेरिकाज गॉट टैलेंट’ और ‘ब्रिटेन्स गॉट टैलेंट’ जैसे प्रतिष्ठित वैश्विक मंचों पर भारत और अबूझमाड़ की लोक-कला का प्रदर्शन करना है।
जगदलपुर में हुआ यह ऐतिहासिक प्रदर्शन न केवल अबूझमाड़ मल्लखंब एंड स्पोर्ट्स एकेडमी, बल्कि पूरे बस्तर क्षेत्र और छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। यह आयोजन ‘बदलते बस्तर’ की उस सशक्त तस्वीर को प्रस्तुत करता है, जहां संघर्ष की जमीन से प्रतिभा के नए सितारे उभर रहे हैं।




