Chhattisgarh Weather Update : छत्तीसगढ़ में मौसम का मिज़ाज इन दिनों दो अलग-अलग रंग दिखा रहा है। उत्तरी जिलों में रात होते ही ठंड का असर तेज़ हो जाता है, जबकि सूरज निकलते ही दिन का तापमान राहत देने के बजाय गर्मी का अहसास कराने लगता है। सरगुजा संभाग में यह बदलाव सबसे ज्यादा महसूस किया जा रहा है, जहां सर्द हवा के साथ सुबह-शाम कंपकंपी बनी हुई है।
Ambikapur Temperature ने बनाया रिकॉर्ड
प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में दर्ज किया गया, जहां पारा 6.3 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया। ठंडी रातों के कारण लोगों ने फिर से गर्म कपड़े निकाल लिए हैं। स्थानीय स्तर पर सुबह के समय हल्की धुंध और ठंडी हवा ने आम जनजीवन की रफ्तार को धीमा कर दिया है।
Plains में दिन का पारा चढ़ा
रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर जैसे मैदानी इलाकों में दिन के वक्त मौसम बिल्कुल अलग तस्वीर पेश कर रहा है। यहां दोपहर में धूप तेज हो रही है और तापमान 30 डिग्री के पार पहुंचने लगा है। यही कारण है कि लोग सुबह-शाम ठंड और दोपहर में हल्की गर्मी, दोनों का सामना कर रहे हैं।
मौसम विज्ञान से जुड़े विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले एक-दो दिनों में प्रदेश के कुछ हिस्सों में घने कोहरे की स्थिति बन सकती है। खासतौर पर उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में सुबह के समय दृश्यता कम रहने की आशंका है। राजधानी क्षेत्र में हल्की धुंध रहने के संकेत मिल रहे हैं, जिससे यातायात पर असर पड़ सकता है।
ठंड का असर अब सेहत पर भी दिखाई देने लगा है। बीते कुछ हफ्तों में अस्पतालों में ठंड से जुड़ी समस्याओं के मामलों में इजाफा हुआ है। डॉक्टरों के मुताबिक नवजात, छोटे बच्चे और बुजुर्ग ठंड के प्रति ज्यादा संवेदनशील होते हैं, ऐसे में (Hypothermia Risk) को हल्के में नहीं लेना चाहिए।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि शरीर का तापमान अचानक गिरने से गंभीर परेशानी हो सकती है। ठंडी हवा, नमी और देर तक खुले वातावरण में रहने से जोखिम बढ़ जाता है। समय रहते सावधानी और सही देखभाल से इस खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
मौसम में उतार-चढ़ाव को देखते हुए लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है। सुबह और रात के समय गर्म कपड़े पहनना, अनावश्यक बाहर निकलने से बचना और बच्चों-बुजुर्गों पर विशेष ध्यान देना जरूरी बताया गया है (Winter Safety Tips)।
विशेषज्ञों ने सर्दियों में इम्यूनिटी मजबूत रखने पर जोर दिया है। आहार में विटामिन-सी युक्त फल, गर्म पेय और पारंपरिक काढ़ा शामिल करने से सर्दी-जुकाम जैसी समस्याओं से राहत मिल सकती है। बदलते मौसम में संतुलित दिनचर्या ही सबसे बड़ा बचाव मानी जा रही है।




