Raipur Loan Fraud Case : राजधानी रायपुर में छोटे व्यापारियों को आसान लोन और ऑनलाइन फायदे का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी का मामला उजागर हुआ है। एक युवक ने भरोसे का फायदा उठाते हुए कई व्यापारियों के नाम पर फर्जी तरीके से लोन निकलवाया और पूरी रकम अपने खाते में ट्रांसफर कर ली, जिससे पीड़ित आर्थिक संकट में फंस गए।
आरोपी की पहचान और पृष्ठभूमि
पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान 19 वर्षीय कृष पवार के रूप में हुई है, जो मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले का रहने वाला है। आरोपी दसवीं पास है और करीब छह महीने पहले रायपुर आया था। पूछताछ में उसने बताया कि वह अपने गांव में मोबाइल की दुकान खोलना चाहता था, इसी उद्देश्य से उसने (Easy Loan Scam) का रास्ता अपनाया।
भरोसा जीतने की चालाक रणनीति
जांच में सामने आया कि आरोपी ने एमजी रोड और आसपास ठेला लगाने वाले व्यापारियों से दोस्ती की। पहले कैशबैक, प्रोमो कोड और ऑनलाइन निवेश से मुनाफा दिलाकर भरोसा बनाया गया। इसके बाद आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक और मोबाइल फोन लेकर अलग-अलग फाइनेंस ऐप्स के जरिए प्री-अप्रूव्ड लोन निकलवाए गए।
लोन की रकम सीधे आरोपी के खाते में
जैसे ही लोन की राशि स्वीकृत हुई, आरोपी ने रकम को अपने बैंक खाते में ट्रांसफर कर लिया। पीड़ितों को इस धोखाधड़ी की भनक तब लगी, जब उनके खातों से हर महीने किस्त कटने लगी। कई लोग बिना एक रुपया मिले ही लोन चुकाने को मजबूर हो गए।
अलग-अलग पीड़ित, अलग-अलग रकम
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने कई छोटे व्यापारियों को निशाना बनाया। किसी से छह लाख रुपये तो किसी से एक लाख रुपये तक की ठगी की गई। कुल मिलाकर ठगी की रकम करीब 15 लाख रुपये बताई जा रही है, जिससे कई परिवारों की आर्थिक स्थिति बिगड़ गई।
मोबाइल लेकर दोबारा लोन पास कराने का आरोप
एक पीड़ित ने बताया कि आरोपी ने लोन बंद कराने का बहाना बनाकर उसका मोबाइल फोन लिया और रकम अपने खाते में ट्रांसफर कर ली। बाद में उसी पहचान और दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल कर दूसरा लोन भी पास करा लिया गया, जिससे नुकसान और बढ़ गया।
गिरफ्तारी और बरामदगी
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तकनीकी जांच और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार किया। उसके पास से कई बैंक कार्ड, पासबुक, चेकबुक और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जो ठगी में इस्तेमाल किए गए थे।
जांच जारी, अन्य पीड़ितों की तलाश
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट से संबंधित गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। अन्य संभावित पीड़ितों की जानकारी जुटाई जा रही है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।




