सीजी भास्कर, 08 फरवरी। वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र में महिला स्वास्थ्य को लेकर एक नई मिसाल कायम (MLA Health Initiative) होने जा रही है। क्षेत्र के विधायक रिकेश सेन ने गर्भवती महिलाओं के लिए ऐसी पहल की है, जो अब तक सिर्फ घोषणाओं तक सीमित मानी जाती रही है। आर्थिक कठिनाइयों से जूझ रहे परिवारों की महिलाओं को अब जरूरी सोनोग्राफी जांच के लिए महंगे खर्च की चिंता नहीं करनी होगी, क्योंकि उन्हें यह सुविधा मात्र 1 रुपये में उपलब्ध कराई जाएगी।
महाशिवरात्रि से होगा शुभारंभ
इस जनहितकारी योजना की शुरुआत 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर की जाएगी। योजना का लाभ केवल वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं (MLA Health Initiative) को ही मिलेगा, जिससे स्थानीय जरूरतमंद परिवारों तक इसका सीधा फायदा पहुंचे।
कैसे मिलेगा लाभ
योजना के तहत जीरो रोड शांति नगर स्थित विधायक कार्यालय में अवकाश को छोड़कर प्रतिदिन सुबह 8 बजे से 11 बजे तक टोकन वितरित किए जाएंगे। लाभार्थी महिला को आधार कार्ड और चिकित्सक द्वारा जारी रेफर पर्ची प्रस्तुत करनी होगी। दस्तावेजों की जांच के बाद जारी टोकन के माध्यम से नाममात्र शुल्क पर सोनोग्राफी कराई जा सकेगी।
स्वास्थ्य सुविधाओं की एक पूरी श्रृंखला
यह पहल सिर्फ सोनोग्राफी तक सीमित नहीं है। विधायक कार्यालय के माध्यम से पहले ही कई स्वास्थ्य सेवाएं बेहद कम शुल्क पर शुरू की जा चुकी हैं। 25 दिसंबर से रोजाना 31 प्रकार के फ्री ब्लड टेस्ट किए जा रहे हैं। इसके साथ ही एक रुपये में एक्स-रे सुविधा से सैकड़ों लोग लाभ उठा चुके हैं।
आगामी 15 फरवरी से एक रुपये में डायलिसिस सुविधा और 2 अप्रैल से मात्र एक रुपये में पावर वाला चश्मा उपलब्ध कराने की घोषणा (MLA Health Initiative) भी की जा चुकी है। सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दोपहिया वाहन चालकों के लिए एक रुपये में हेलमेट उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी लगातार जारी है, जिसका हजारों लोग उपयोग कर रहे हैं।
विधायक का संकल्प
इस अवसर पर विधायक रिकेश सेन ने कहा कि क्षेत्र की माताएं और बहनें स्वस्थ रहें, यही उनका लक्ष्य है। कई बार आर्थिक तंगी के कारण जरूरी जांचें टल जाती हैं, जिससे जोखिम बढ़ता है। इसी सोच के साथ यह पहल शुरू की गई है, ताकि स्वास्थ्य सुविधाएं हर जरूरतमंद तक समय पर पहुंच सकें।
यह योजना न सिर्फ सस्ती जांच की सुविधा है, बल्कि भरोसे और संवेदनशील शासन की एक नई परिभाषा भी है, जो स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।




