सीजी भास्कर, 09 फरवरी। रायपुर में पुलिस की टीम ने जब कड़ी निगरानी के बाद दबिश दी, तो सामने आया कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए करोड़ों का दांव लगाया (Kingdom Book Betting) जा रहा था। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी एक संगठित ढांचे के तहत काम कर रहा था, जहां हर खिलाड़ी को अलग-अलग डिजिटल पहचान दी जाती थी और लेन-देन पूरी तरह ऑनलाइन संचालित होता था।
पूछताछ में सामने आया कि ‘किंगडम बुक डॉट कॉम’ नामक प्लेटफॉर्म के माध्यम से सट्टा खिलाया जा रहा था। नेटवर्क के भीतर 70 से 80 ऑनलाइन आईडी पहले ही सक्रिय की जा चुकी थीं, जिनके जरिए बड़े पैमाने पर रकम का आना-जाना हुआ। पुलिस ने मौके से कई मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरण जब्त किए, जिनमें सट्टे से जुड़े अहम इलेक्ट्रॉनिक सबूत सुरक्षित पाए गए।
जांच की कड़ी आगे बढ़ी तो यह भी स्पष्ट हुआ कि इस नेटवर्क को बाहर से नियंत्रित किया जा रहा था। सुपर आईडी उपलब्ध कराने वाले मुख्य सूत्रधार तक पहुंचने के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश (Kingdom Book Betting) दे रही हैं। एक सहयोगी की भूमिका भी सामने आई है, जो फिलहाल पकड़ से बाहर है, लेकिन डिजिटल ट्रेल के जरिए उस तक पहुंचने की कोशिश जारी है।
पुलिस रिकॉर्ड खंगालने पर यह तथ्य भी सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी पहले भी आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहा है। अब जब्त किए गए डेटा की फॉरेंसिक जांच की जा रही है, ताकि नेटवर्क से जुड़े हर चेहरे को सामने लाया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई सिर्फ शुरुआत है, आगे और भी नाम उजागर हो सकते हैं।
ऑनलाइन सट्टा गेमिंग एक्ट की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेजने (Kingdom Book Betting) की तैयारी है। इस खुलासे के बाद शहर और आसपास के इलाकों में सक्रिय ऐसे नेटवर्कों में हड़कंप है, और पुलिस का दावा है कि जांच पूरी होते-होते डिजिटल जुए की यह श्रृंखला पूरी तरह टूट जाएगी।




