सीजी भास्कर, 10 फरवरी। दुर्ग जिले में स्थित छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय (CSVTU) से जुड़ा एक गंभीर वित्तीय अनियमितता का मामला सामने (CSVTU Fee Scam) आया है। विश्वविद्यालय के PHD विभाग में पदस्थ कनिष्ठ सलाहकार सुनील कुमार प्रसाद को फीस के नाम पर धोखाधड़ी करने के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने शोधार्थियों से ली गई फीस की रकम विश्वविद्यालय के खाते में जमा न कर अपने निजी खाते में डाल दी।
9.44 लाख रुपये के गबन का खुलासा
विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू की गई थी। CSVTU स्तर पर गठित दो सदस्यीय जांच समिति की प्रारंभिक रिपोर्ट में यह सामने आया कि PHD शोधार्थियों से कुल 9 लाख 44 हजार 500 रुपये की राशि फीस के नाम पर वसूली गई, लेकिन यह रकम अधिकृत प्रक्रिया के तहत जमा नहीं की गई।
नकद लेकर दी जाती थीं फर्जी फीस रसीदें
जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि आरोपी कनिष्ठ सलाहकार शोधार्थियों से नकद राशि लेता था और बदले में उन्हें फर्जी फीस रसीदें (CSVTU Fee Scam) जारी करता था। लंबे समय तक यह मामला सामने नहीं आ सका, लेकिन आंतरिक ऑडिट और शिकायत के बाद पूरी गड़बड़ी उजागर हुई।
गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया
पुलिस ने जांच के दौरान आरोप सही पाए जाने पर 9 फरवरी को सुनील कुमार प्रसाद को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस ने आरोपी के पास से फर्जी शुल्क रसीदें और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जब्त किए हैं।
पुलिस की सख्त चेतावनी
दुर्ग पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शैक्षणिक संस्थानों में किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता को गंभीर अपराध माना जाएगा। पुलिस ने विश्वविद्यालयों, छात्रों और आम नागरिकों से अपील (CSVTU Fee Scam) की है कि यदि कहीं भी फीस या अन्य भुगतान से जुड़ी संदिग्ध गतिविधि नजर आए, तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें। मामले में आगे की जांच जारी है और अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।




