सीजी भास्कर, 10 फरवरी। छत्तीसगढ़ से होकर गुजरने वाली कई महत्वपूर्ण ट्रेनों से सफर करने वाले यात्रियों (Chhattisgarh Train Cancellation) के लिए यह खबर बेहद जरूरी है। रेलवे प्रबंधन ने डिस्मेंटलिंग और बैलेस्टेड ट्रैक में रूपांतरण कार्य के चलते भारतीय रेलवे के अंतर्गत आने वाले दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से गुजरने वाली 14 ट्रेनों को रद्द करने और 7 ट्रेनों को उनके गंतव्य से पहले ही समाप्त करने का निर्णय लिया है। यह व्यवस्था 5 अप्रैल से 27 अप्रैल 2026 तक प्रभावी रहेगी।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार नागपुर मंडल के गोंदिया रेलवे स्टेशन पर लाइन नंबर-05 (प्लेटफॉर्म-3) स्थित वॉशेबल एप्रन को हटाकर उसे बैलेस्टेड ट्रैक में बदला (Chhattisgarh Train Cancellation) जाएगा। इस कार्य के कारण UP मेन लाइन पर करीब 20 दिनों तक रेल यातायात बाधित रहेगा, जिससे कई ट्रेनों के संचालन पर सीधा असर पड़ेगा।
रद्द की गई 14 ट्रेनें
रेलवे द्वारा जारी सूचना के अनुसार निम्नलिखित ट्रेनें तय अवधि में निरस्त रहेंगी—
18030 शालीमार–लोकमान्य तिलक टर्मिनल एक्सप्रेस
18029 लोकमान्य तिलक टर्मिनल–शालीमार एक्सप्रेस
18237 कोरबा–अमृतसर एक्सप्रेस
18238 अमृतसर–बिलासपुर एक्सप्रेस
12410 हज़रत निजामुद्दीन–रायगढ़ एक्सप्रेस (चयनित तिथियां)
12409 रायगढ़–हज़रत निजामुद्दीन एक्सप्रेस (चयनित तिथियां)
12101 लोकमान्य तिलक टर्मिनल–शालीमार एक्सप्रेस
12102 शालीमार–लोकमान्य तिलक टर्मिनल एक्सप्रेस
12807 विशाखापत्तनम–हज़रत निजामुद्दीन एक्सप्रेस
12808 हज़रत निजामुद्दीन–विशाखापत्तनम एक्सप्रेस
68815 बल्लारशाह–गोंदिया मेमू
68816 गोंदिया–बल्लारशाह मेमू
78805 गोंदिया–कटंगी डेमू
78806 कटंगी–गोंदिया डेमू
7 ट्रेनें गंतव्य से पहले होंगी नियंत्रित
ब्लॉक अवधि के दौरान कुछ ट्रेनों को बीच रास्ते में ही समाप्त किया जाएगा-
68802, 68803, 68804, 68805, 68806 पैसेंजर ट्रेनें – हिरदामाली स्टेशन तक
15231 बरौनी–गोंदिया एक्सप्रेस – दुर्ग रेलवे स्टेशन तक
15232 गोंदिया–बरौनी एक्सप्रेस – दुर्ग तक
इन ट्रेनों का शेष मार्ग निर्धारित अवधि में रद्द रहेगा।
यात्रियों के लिए अहम सलाह
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा शुरू करने से पहले संबंधित ट्रेन की स्थिति की जानकारी (Chhattisgarh Train Cancellation) अवश्य ले लें। रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट, हेल्पलाइन या नजदीकी रेलवे स्टेशन से अद्यतन सूचना प्राप्त कर ही यात्रा की योजना बनाएं, ताकि असुविधा से बचा जा सके।
रेलवे का कहना है कि यह कार्य यात्रियों की दीर्घकालिक सुविधा और ट्रैक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है। कार्य पूरा होते ही ट्रेनों का संचालन पूर्ववत किया जाएगा।




