रायगढ़ जिले के खरसिया थाना क्षेत्र स्थित बानीपाथर इलाके में हुए Raigarh Carbon Plant Blast ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। मंगल कार्बन प्लांट में टायर गलाने की प्रक्रिया के दौरान फर्नेस से अचानक आग और तेज प्रेशर निकलने से आठ मजदूर बुरी तरह झुलस गए। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 9 माह की बच्ची सहित चार लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि अन्य घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है।
इलाज के दौरान मासूम और परिवार के दो सदस्यों ने तोड़ा दम
हादसे में झुलसी 9 महीने की भूमि खड़िया ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। परिजन अभी उसके अंतिम संस्कार से लौटे ही थे कि देर रात उसके पिता शिव खड़िया की भी मौत की खबर आ गई। बुधवार दोपहर दादा साहेब लाल खड़िया ने भी इलाज के दौरान अंतिम सांस ली। एक अन्य युवक की भी मौत हो चुकी है। परिवार की महिला सदस्य उदासिनी खड़िया गंभीर रूप से झुलसी हैं और उनका इलाज जारी है। यह पूरा मामला अब एक बड़े Industrial Accident के रूप में सामने आ रहा है।
बिना ठंडा किए फर्नेस खोलने का आरोप
परिजनों का आरोप है कि फर्नेस को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ठंडा किए बिना खोला गया, जिससे अचानक तेज प्रेशर बाहर निकला और मजदूर उसकी चपेट में आ गए। उनका कहना है कि प्लांट में पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं थे। मजदूर दंपत्ति अपनी मासूम बच्ची को साथ लेकर काम पर गए थे और हादसे के समय बच्ची पास ही लेटी हुई थी। इस घटना ने प्लांट में संभावित Safety Negligence पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पहले भी झेल चुका है परिवार गम का बोझ
परिवार के मुताबिक, तीन महीने पहले ही उनकी तीन साल की बेटी की मौत हो चुकी थी। अब दूसरी बेटी और घर के कमाने वाले सदस्य की मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है। चार सदस्यों के इस परिवार में अब दो छोटे बच्चे ही बचे हैं। हादसे में अन्य मजदूर 70 से 90 प्रतिशत तक झुलसे हैं और रायपुर के अस्पताल में भर्ती हैं। इस घटना ने संभावित Factory Safety Violation की ओर इशारा किया है।
FIR वापसी का दबाव? परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
पीड़ित परिवारों ने आरोप लगाया है कि हादसे के बाद दर्ज की गई FIR वापस लेने और बयान बदलने का दबाव बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि यदि सुरक्षा मानकों का सही पालन होता, तो इतनी बड़ी त्रासदी नहीं होती। टायर जलाकर तेल निकालने की प्रक्रिया के दौरान लापरवाही बरतने का आरोप भी सामने आया है।
निष्पक्ष जांच और मुआवजे की मांग
परिजनों ने मृतकों के लिए उचित मुआवजा, घायलों के इलाज का पूरा खर्च और जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की अपील की गई है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।




