प्रदेश में मौसम अब करवट लेता नजर आ रहा है। ताजा आंकड़ों के अनुसार राजधानी में अधिकतम तापमान 32.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन में अब तक के ऊंचे स्तरों में शामिल है। वहीं अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 8.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। दिन के समय हल्की गर्माहट महसूस की जा रही है, लेकिन सुबह और देर रात सर्दी का असर अभी भी बना हुआ है। यही मौजूदा Raipur Weather Update का मुख्य संकेत है।
फिलहाल बड़े बदलाव के संकेत नहीं
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले सात दिनों तक अधिकतम और न्यूनतम तापमान में किसी बड़े उतार-चढ़ाव की संभावना नहीं है। राज्य में फिलहाल कोई सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ या प्रभावी मौसम प्रणाली मौजूद नहीं है। कुछ क्षेत्रों में सुबह के समय हल्की धुंध देखी जा सकती है, लेकिन बारिश के आसार नहीं हैं। मौजूदा Temperature Trend स्थिर बना हुआ है।
दिन-रात के तापमान में स्पष्ट अंतर
रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, जगदलपुर, अंबिकापुर और पेंड्रा सहित कई जिलों में दिन का तापमान सामान्य से 1 से 2 डिग्री अधिक दर्ज किया गया है। वहीं रात का तापमान सामान्य से लगभग 4 डिग्री तक कम है। इस Day Night Temperature Gap के कारण दोपहर में हल्की गर्मी और सुबह-रात ठंड का मिश्रित अनुभव हो रहा है।
बच्चों पर दिख रहा ठंड का असर
ठंड का प्रभाव खासकर बच्चों की सेहत पर देखा गया है। राजधानी के प्रमुख अस्पतालों में पिछले एक महीने के दौरान 400 से अधिक Hypothermia Cases सामने आए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार बच्चों का शरीर वयस्कों की तुलना में तेजी से ठंडा होता है। नवजात शिशुओं में मांसपेशियों का पूर्ण विकास न होने के कारण वे तापमान में गिरावट को सहन नहीं कर पाते। सीजेरियन डिलीवरी से जन्मे शिशुओं में जोखिम और बढ़ जाता है।
सतर्क रहें, सेहत का रखें ध्यान
स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी कर लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण सर्दी-जुकाम और वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। बाहर निकलते समय गर्म कपड़े पहनना, अनावश्यक यात्रा से बचना और बच्चों को विशेष सुरक्षा देना जरूरी बताया गया है।
आहार में शामिल करें विटामिन-सी
सर्द मौसम में इम्यूनिटी मजबूत रखना बेहद आवश्यक है। विशेषज्ञ विटामिन-सी युक्त आहार जैसे संतरा, नींबू और आंवला लेने की सलाह दे रहे हैं। अदरक और तुलसी की चाय या काढ़ा भी फायदेमंद माना गया है। संतुलित खानपान और पर्याप्त विश्राम से मौसमी बीमारियों से बचाव संभव है।




