शहर में बिजली उपभोक्ताओं के लिए नियमों का तरीका बदल रहा है। (Raipur Smart Prepaid Meter) सिस्टम के तहत जिन कनेक्शनों पर लंबे समय से भुगतान अटका रहता था, वहां अब सप्लाई अपने-आप रुक जाती है। अच्छी बात यह है कि बिल भरते ही या रिचार्ज होते ही बिजली बिना देरी के वापस आ जाती है, किसी दफ्तर के चक्कर नहीं लगाने पड़ते।
पहले परीक्षण, फिर घरों तक विस्तार
नई व्यवस्था की टेस्टिंग शुरुआत में व्यावसायिक कनेक्शनों पर की जा रही है। (Prepaid Electricity System) सफल रहने पर यही मॉडल घरेलू मीटरों पर भी लागू होगा। प्री-पेड मोड में उपभोक्ता जितना रिचार्ज करेगा, उतनी ही खपत कर पाएगा—बैलेंस खत्म होते ही सप्लाई अपने-आप रुक जाएगी।
मीटर बदले जा रहे, आपूर्ति बनी चुनौती
शहर के लाखों घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं और बाकी घरों में काम तेज़ी से चल रहा है। सिंगल-फेज मीटरों की अदला-बदली तेजी से हो रही है, जबकि थ्री-फेज मीटरों की उपलब्धता सीमित होने से कुछ इलाकों में देरी दिख रही है। (Smart Meter Rollout Raipur) का लक्ष्य तय समयसीमा के भीतर पूरा करने की तैयारी है।
कर्मचारियों की निर्भरता कम
नई तकनीक लागू होने के बाद फील्ड स्टाफ को बकाया पर लाइन काटने के लिए मौके पर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। (Digital Billing Automation) से कटौती और बहाली पूरी तरह सॉफ्टवेयर आधारित होगी, जिससे प्रक्रिया तेज़, पारदर्शी और ट्रैक करने लायक बनेगी।
उपभोक्ताओं के लिए क्या बदलेगा
उपभोक्ताओं को अब खपत पर सीधा नियंत्रण मिलेगा। समय पर रिचार्ज से अनचाही कटौती से बचा जा सकेगा, वहीं देर होने पर सप्लाई तुरंत बंद हो जाएगी। (Raipur Smart Prepaid Meter) व्यवस्था से भुगतान की आदत सुधरने, लाइन-लॉस घटने और सिस्टम की जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद है।




