Balod Grave Desecration : की सूचना मिलते ही गांव में सन्नाटा फैल गया। महाशिवरात्रि की रात दफनाई गई तीन साल की बच्ची की कब्र के आसपास नींबू, चावल और मांस के टुकड़े बिखरे मिले। मिट्टी उखड़ी हुई थी, जैसे किसी ने जल्दबाज़ी में कुछ किया हो—और फिर सब कुछ ढक दिया हो।
सुबह खुला राज, परिजन पहुंचे श्मशान
सुबह ग्रामीणों की नज़र कब्र के पास पड़ी संदिग्ध सामग्री पर पड़ी। खबर मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे। (Balod Grave Desecration) के बीच कब्र को ऊपर से समतल दिखाने की कोशिश साफ़ झलक रही थी, मगर किनारों की उखड़ी मिट्टी ने सब कुछ बयान कर दिया।
अनुमति लेकर दोबारा खुदाई
स्थानीय प्रशासन की मौजूदगी में कब्र खोली गई। (Balod Grave Desecration) की पुष्टि तब हुई जब कंकाल की जांच में सिर गायब पाया गया। अवशेषों को परीक्षण के लिए मेडिकल संस्थान भेजा गया, ताकि किसी भी तरह की छेड़छाड़ के संकेतों की वैज्ञानिक पुष्टि हो सके।
Balod Grave Desecration और तांत्रिक गतिविधि की आशंका
कब्र के पास मिली सामग्री ने तंत्र-मंत्र की आशंका को और मज़बूत किया। (Balod Grave Desecration) के मामले में पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। गांव में अफवाहें तेज़ हैं, इसलिए शांति बनाए रखने को अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।
पुरानी घटनाओं से जोड़कर भी हो रही पड़ताल
जिले में पहले सामने आए तंत्र-कर्म से जुड़े मामलों की फाइलें फिर खंगाली जा रही हैं। (Balod Grave Desecration) के पीछे किसी संगठित गतिविधि की भूमिका है या यह अलग-थलग घटना—दोनों एंगल से जांच चल रही है।





