Durg Minor Gangrape की पड़ताल में सामने आया कि वारदात को अंजाम देने के लिए सरकारी काम में लगी गाड़ियों का इस्तेमाल किया गया। जांच टीम ने दो वाहन जब्त किए—इनमें से एक पर ‘ऑन ड्यूटी सीजी गवर्नमेंट’ अंकित था। शुरुआती जांच से यह भी संकेत मिले कि आरोपियों ने आवाजाही के लिए इन्हीं वाहनों को “कवर” की तरह इस्तेमाल किया।
रेस्ट हाउसों में की गई साइट-वेरिफिकेशन, सबूतों की वीडियोग्राफी
रिमांड पर लिए गए आरोपियों को अलग-अलग स्थानों पर ले जाकर घटनाक्रम की पुष्टि कराई गई। (Durg Minor Gangrape) के तहत दुर्ग, पीडब्ल्यूडी और उतई क्षेत्र के रेस्ट हाउसों में साइट-वेरिफिकेशन हुआ—पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई गई, ताकि बयान और भौतिक साक्ष्यों का मिलान हो सके।
कार, मोबाइल और डिजिटल ट्रेल
आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त कार और मोबाइल फोन जब्त किए गए। (Durg Minor Gangrape) की जांच में इलेक्ट्रॉनिक ट्रेल अहम कड़ी बनकर उभरी है—कॉल-डिटेल, लोकेशन हिस्ट्री और चैट लॉग्स की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है।
पीड़िता का बयान, झांसा, धमकी और ब्लैकमेल का आरोप
पीड़िता ने बताया कि उसे नौकरी का भरोसा दिलाकर अलग-अलग जगह बुलाया गया। (Durg Minor Gangrape) में आरोप है कि फोटो-वीडियो के ज़रिये डराया गया, ताकि वह चुप रहे—इन बिंदुओं को जांच टीम ने केस डायरी में प्रमुख साक्ष्य के रूप में दर्ज किया है।
अब तक की गिरफ्तारी और आगे की कार्रवाई
मामले में अब तक कई आरोपी हिरासत में आ चुके हैं; शेष संदिग्धों की तलाश जारी है। (Durg Minor Gangrape) की जांच आगे बढ़ाते हुए दस्तावेज़ी साक्ष्य, डिजिटल फॉरेंसिक और गवाहों के बयान एक साथ जोड़े जा रहे हैं—ताकि चार्जशीट में हर कड़ी मजबूत रहे।





