Rohit Tomar Arrest Raipur: राजधानी रायपुर में लंबे समय से पनप रहे अवैध सूदखोरी नेटवर्क पर आखिरकार प्रशासन ने निर्णायक कार्रवाई कर दी।
कुख्यात सूदखोर रोहित सिंह तोमर को कमिश्नरी कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया गया।
यह कार्रवाई अचानक नहीं, बल्कि कई महीनों की निगरानी और शिकायतों के बाद की गई है।
स्थानीय स्तर पर यह कार्रवाई (Loan Mafia Raipur) के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखी जा रही है।
पीड़ितों की शिकायतों से खुली पूरी परत
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी के खिलाफ अलग-अलग थाना क्षेत्रों में गंभीर आरोप दर्ज थे।
उधारी देने के नाम पर मोटा ब्याज, फिर समय पर पैसा न मिलने पर धमकी और मारपीट — यही उसका तरीका बताया जा रहा है।
कई पीड़ितों ने यह भी कहा कि आरोपी मानसिक दबाव बनाकर रकम वसूलता था, जिससे लोग खुलकर सामने आने से डरते थे।
यह मामला (Illegal Money Lending Case) की श्रेणी में रखा गया है।
कमिश्नरी कोर्ट में क्यों लिया गया कड़ा फैसला
कमिश्नरी कोर्ट में पेश की गई रिपोर्टों में आरोपी की गतिविधियों को कानून व्यवस्था के लिए खतरा बताया गया।
कार्यपालक शक्तियों के तहत कोर्ट ने यह माना कि आरोपी खुले रहने पर शांति भंग कर सकता है।
इसी आधार पर उसे न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया गया।
प्रशासनिक हलकों में इस फैसले को (Commissioner Court Action) का मजबूत उदाहरण माना जा रहा है।
कई थानों में दर्ज हैं पुराने मामले
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी पर आधा दर्जन से अधिक प्रकरण पहले से दर्ज हैं।
इनमें मारपीट, धमकी, जबरन वसूली जैसे संगीन आरोप शामिल हैं।
पिछले साल अलग-अलग इलाकों से शिकायतें आई थीं, लेकिन पीड़ित खुलकर सामने नहीं आ पा रहे थे।
अब कार्रवाई के बाद लोग आगे आने का साहस जुटा रहे हैं, जिसे (Criminal Record Tracking) की दिशा में अहम माना जा रहा है।
परिवार का नाम भी पहले रह चुका है विवादों में
यह पहला मौका नहीं है जब तोमर परिवार कानून के घेरे में आया हो।
आरोपी के बड़े भाई वीरेंद्र सिंह तोमर उर्फ रूबी पर भी पहले कार्रवाई हो चुकी है।
बताया जाता है कि उसे पहले मध्य प्रदेश से पकड़ा गया था और उसके खिलाफ भी गंभीर आरोप थे।
प्रशासन इसे (Habitual Offender Network) से जोड़कर देख रहा है।
आगे क्या हो सकती है कानूनी प्रक्रिया
अब आरोपी को जेल भेजे जाने के बाद पुलिस पुराने मामलों की फाइलें फिर से खंगाल रही है।
संभावना है कि आगे और भी प्रकरणों में आरोपी से पूछताछ की जाएगी।
अधिकारियों का मानना है कि इस गिरफ्तारी से सूदखोरी के नेटवर्क में जुड़े दूसरे नाम भी सामने आ सकते हैं।
यह कार्रवाई राजधानी में (Raipur Crime Control Drive) के तहत एक अहम मोड़ मानी जा रही है।





