सीजी भास्कर, 17 फरवरी। छत्तीसगढ़ में तेज हुए नक्सल विरोधी अभियान के बीच सुकमा जिले में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता (CG Naxal Surrender 2026) मिली है। महिला समेत 22 माओवादियों ने पुलिस अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। आत्मसमर्पण करने वालों में 21 पुरुष और 1 महिला शामिल है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ये नक्सली जगरगुंडा, पेद्दाबोडकेल और मोरपल्ली क्षेत्र में सक्रिय थे। इस कार्रवाई में डीआरजी सुकमा, जिला बल, रेंज फील्ड टीम (आरएफटी) जगदलपुर तथा सीआरपीएफ की 02, 74, 111, 223, 227 और कोबरा 201 वाहिनी की आसूचना शाखा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली विभिन्न आरपीसी मिलिशिया, डीएकेएमएस और जनताना सरकार से जुड़े पदों (CG Naxal Surrender 2026) पर सक्रिय थे। पुलिस का कहना है कि लगातार चलाए जा रहे अभियान और शासन की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर उन्होंने हथियार छोड़ने का निर्णय लिया।
प्रशासन ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले प्रत्येक नक्सली को 50-50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है। इसके अलावा उन्हें राज्य शासन की पुनर्वास नीति के तहत अन्य सुविधाएं भी दी जाएंगी, ताकि वे सामान्य जीवन जी सकें।
अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में सुरक्षा बलों का दबाव और विकास कार्यों की गति बढ़ने से नक्सल संगठन की पकड़ कमजोर (CG Naxal Surrender 2026) पड़ रही है। लगातार हो रहे आत्मसमर्पण को संगठन की कमर टूटने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।





