सीजी भास्कर 18 फ़रवरी। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वर्ण भूमि स्थित पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल के निवास पर पहुंचकर (Swami Kailashanand Giri Raipur) महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी के दर्शन किए और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर मंत्रिमंडल के कई सदस्य, सांसद और विधायक भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री शाम साढ़े सात बजे से रात लगभग साढ़े ग्यारह बजे तक स्वामी जी के सानिध्य में रहे और आध्यात्म सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की।
जन्मदिवस और स्वर्ण जयंती का विशेष अवसर
यह आध्यात्मिक समागम कई कारणों से खास रहा। महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी का 50वां जन्मदिवस मनाया गया। साथ ही, गौरीशंकर अग्रवाल और श्रीमती अंगूरी देवी अग्रवाल की 50वीं वैवाहिक वर्षगांठ भी इसी अवसर पर रही। मुख्यमंत्री सहित उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने स्वामी जी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं और अग्रवाल दंपत्ति को स्वर्ण जयंती पर बधाई दी।
“माता कौशल्या की पवित्र धरा पर आना सौभाग्य”
अपने संबोधन में स्वामी कैलाशानंद गिरी ने कहा कि छत्तीसगढ़वासियों का यह परम सौभाग्य है कि यह भूमि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के ननिहाल और माता कौशल्या की पावन (Swami Kailashanand Giri Raipur) धरा है। उन्होंने कहा कि इस पवित्र प्रदेश में आकर प्रभु श्रीराम के दर्शन का अवसर मिलना उनके लिए भी सौभाग्य की बात है। उनके उद्बोधन के दौरान वातावरण पूर्णतः भक्तिमय रहा।
कई दिग्गज नेताओं की मौजूदगी
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री तोखन साहू, क्षेत्रीय सांसद बृजमोहन अग्रवाल सहित अनेक सांसद, विधायक और वरिष्ठ नेता शामिल हुए। आयोजन को राजनीतिक और आध्यात्मिक संवाद के संगम के रूप में देखा (Swami Kailashanand Giri Raipur) गया। प्रदेश की सांस्कृतिक परंपरा और आध्यात्मिक विरासत को रेखांकित करने वाला यह आयोजन देर रात तक श्रद्धा और संवाद के वातावरण में संपन्न हुआ।





