सीजी भास्कर, 18 फरवरी। पति की मौत को सर्पदंश बताकर शासन से चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता लेने के मामले में बड़ा (Compensation Scam Chhattisgarh) खुलासा हुआ है। जांच में गड़बड़ी सामने आने के बाद तखतपुर तहसीलदार की शिकायत पर पुलिस ने महिला के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचना का मामला दर्ज कर लिया है।
आवेदन में किया गया था सर्पदंश का दावा
जानकारी के अनुसार ग्राम चना डोंगरी निवासी उर्वशी श्रीवास ने अपने पति पुरुषोत्तम श्रीवास की मृत्यु को ‘सर्पदंश’ से होना बताते हुए शासन से सहायता राशि का आवेदन किया था। दस्तावेजों के आधार पर उसे चार लाख रुपये की आर्थिक मदद स्वीकृत कर दी गई।
लेकिन बाद में प्रकरण की गहन जांच में कई विसंगतियां सामने आईं।
जांच में खुली परत-दर-परत सच्चाई
कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर तीन सदस्यीय जांच दल गठित किया गया, जिसमें तहसीलदार, थाना प्रभारी और चिकित्सा अधिकारी (Compensation Scam Chhattisgarh) शामिल थे। जांच रिपोर्ट में पाया गया कि जिस मर्ग क्रमांक 23/2022 का हवाला दिया गया था, वह किसी अन्य व्यक्ति – शोभाराम कौशिक – से संबंधित था, जिसने फांसी लगाकर आत्महत्या की थी।
सरकारी रिकॉर्ड में पुरुषोत्तम श्रीवास की मृत्यु का सर्पदंश से कोई उल्लेख नहीं मिला। इससे पूरा मामला संदिग्ध हो गया।
आदेश पत्र पर फर्जी हस्ताक्षर
तत्कालीन तखतपुर तहसीलदार शशांक शेखर शुक्ला ने भी स्पष्ट किया कि सहायता राशि स्वीकृति पत्र पर किए गए हस्ताक्षर उनके नहीं हैं। उन्होंने इसे पूरी तरह फर्जी और बनावटी बताया। इससे दस्तावेजों की सत्यता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।
परिजनों के बयान भी विरोधाभासी
मृतक के ससुर और साले के बयानों में भी आवेदिका के दावे का समर्थन नहीं मिला। उन्होंने बताया कि पुरुषोत्तम की मौत घर पर हुई थी। कथित रूप से उसे महीनों पहले सांप (Compensation Scam Chhattisgarh) ने काटा था, जिसके बाद उसे लकवा मार गया था। मृत्यु के समय सर्पदंश की कोई तात्कालिक घटना नहीं हुई थी और न ही पोस्टमार्टम कराया गया था।
दर्ज हुआ जुर्म, आगे होगी जांच
जांच में कूटरचित दस्तावेज और जाली हस्ताक्षरों के आधार पर सरकारी राशि लेने का मामला सामने आने के बाद तहसीलदार की शिकायत पर उर्वशी श्रीवास के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस अब पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस मामले में और कौन-कौन शामिल हो सकता है। प्रशासन का कहना है कि सरकारी योजनाओं में किसी भी प्रकार की फर्जीवाड़ा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।





