School Vandalism Case के बाद इलाके में डर का माहौल बन गया है। दुर्ग जिले के केलाबाड़ी क्षेत्र स्थित प्राथमिक व मिडिल स्कूल परिसर में रात के समय अज्ञात लोगों ने घुसकर क्लासरूम का फर्नीचर जलाया, पंखे-लाइट तोड़े और कागज़ात बिखेर दिए। सुबह जब शिक्षक पहुंचे तो स्कूल का माहौल बदला हुआ था, कक्षाओं के बाहर जले हुए अवशेष और टूटे बोर्ड नजर आए।
Occult Symbols Found ने बढ़ाई चिंता
(Occult Symbols Found) के तौर पर क्लासरूम के बाहर चुनरी, माला, नींबू, सिंदूर और गोबर-मिट्टी से बने निशान मिले। शिक्षकों का कहना है कि इस तरह के प्रतीकों से बच्चों में डर बैठता है। स्कूल परिसर में अंधविश्वास से जुड़ी हरकतों का असर सीधे पढ़ाई के माहौल पर पड़ा है।
School Security Breach से खुली सुरक्षा की पोल
(School Security Breach) तब सामने आया जब बाउंड्री वॉल के टूटे हिस्से से अंदर घुसने के रास्ते दिखे। कई बार ताले तोड़े जाने के निशान भी मिले हैं। बोरवेल के केबल तक जलाए गए, जिससे पानी की व्यवस्था प्रभावित हुई। स्टाफ का कहना है कि छुट्टी के बाद स्कूल परिसर असुरक्षित हो जाता है।
Police FIR Update के बाद जांच तेज
(Police FIR Update) के तहत शिक्षकों की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस टीम आसपास के इलाकों में संदिग्धों की तलाश कर रही है और स्कूल के आसपास रात में गश्त बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
Education Disruption पर उठे सवाल
(Education Disruption) के चलते बच्चों की नियमित पढ़ाई प्रभावित हो रही है। छोटे बच्चे स्कूल आने से डर रहे हैं, अभिभावक भी सुरक्षा को लेकर सवाल उठा रहे हैं। शिक्षकों ने मांग की है कि स्कूल परिसर में सीसीटीवी और मजबूत गेट-लॉक सिस्टम लगाया जाए, ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।






