Assistant Teacher Protest Raipur : रायपुर के तूता धरना स्थल पर सहायक शिक्षक भर्ती को लेकर चल रहा आंदोलन बुधवार को उग्र रूप ले बैठा। 57 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे डीएड अभ्यर्थियों ने प्रतीकात्मक विरोध के तौर पर अंगारों पर चलकर सरकार तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश की। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात था, माहौल पहले से ही तनावपूर्ण दिखा।
धक्का-मुक्की और वॉटर कैनन के बाद हालात बेकाबू
प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई, स्थिति बिगड़ने पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए (Water Cannon Action) का सहारा लिया गया। पानी की तेज धार से कुछ अभ्यर्थी गिर पड़े, वहीं चार युवाओं के घायल होने की जानकारी सामने आई। भीगने और ठंड के कारण कई प्रदर्शनकारी कांपते नजर आए।
दो युवतियां बेहोश, एम्बुलेंस देरी से पहुंची
वॉटर कैनन की कार्रवाई के बाद दो युवतियां अचानक बेहोश हो गईं। मौके पर अफरा-तफरी मच गई, करीब एक घंटे तक एम्बुलेंस नहीं पहुंच सकी। अन्य अभ्यर्थियों ने उन्हें कंधों पर उठाकर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र तक ले जाने की कोशिश की। डॉक्टरों के अनुसार प्राथमिक उपचार के बाद दोनों की हालत स्थिर बताई गई है।
प्रदर्शन के बाद कई अभ्यर्थी हिरासत में
प्रदर्शन खत्म होने के बाद पुलिस ने स्थिति को काबू में लेते हुए बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को हिरासत में लिया और (Central Jail Custody) के तहत सेंट्रल जेल भेजा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया, जबकि आंदोलनकारी इसे दमनकारी कार्रवाई बता रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देकर हस्तक्षेप की मांग
आंदोलनरत अभ्यर्थियों का कहना है कि नियुक्ति प्रक्रिया लंबे समय से अटकी हुई है, जबकि कोर्ट के निर्देशों के बावजूद समाधान नहीं निकला। उन्होंने पहले भी राष्ट्रपति, राज्यपाल, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को पत्र भेजकर हस्तक्षेप की मांग की थी। डीएड अभ्यर्थियों का समूह (D.Ed Candidates Protest) के बैनर तले भर्ती प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने की मांग दोहरा रहा है।
आगे क्या होगा, इस पर टिकी निगाहें
लगातार बढ़ते आंदोलन और हिरासत की कार्रवाई के बाद अब प्रशासनिक स्तर पर बातचीत की संभावनाओं पर निगाहें टिकी हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक ठोस आश्वासन नहीं मिलेगा, आंदोलन जारी रहेगा, वहीं प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने की बात दोहरा रहा है।






