सीजी भास्कर, 19 फरवरी। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर बड़ी साइबर ठगी का मामला (Digital Arrest Scam) सामने आया है। अज्ञात ठगों ने खुद को टेलीकॉम, पुलिस और सीबीआई अधिकारी बताकर विद्युत विभाग के सेवानिवृत्त परिवेक्षक से 36 लाख 97 हजार 117 रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित की शिकायत पर साइबर पुलिस थाना रायगढ़ में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस के अनुसार पीड़ित छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत परेषण कंपनी से वर्ष 2022 में सेवानिवृत्त हुए थे। 14 जनवरी 2026 को उन्हें एक महिला का फोन आया, जिसने खुद को टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) से जुड़ा अधिकारी बताया। महिला ने आधार कार्ड का दुरुपयोग कर जियो नंबर से आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने की बात कहकर उन्हें डराया। इसके बाद फर्जी पुलिस और सीबीआई अधिकारी बनकर ठगों ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तारी की धमकी दी।
ठगों ने वीडियो कॉल के जरिए खुद को आईपीएस अधिकारी बताकर पीड़ित पर मानसिक दबाव (Digital Arrest Scam) बनाया और उन्हें तथाकथित जांच के नाम पर विभिन्न बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया। 30 जनवरी से 11 फरवरी 2026 के बीच पीड़ित ने अलग-अलग खातों में कुल 36.97 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।
घटना का अहसास होने पर पीड़ित ने 17 फरवरी को साइबर थाना रायगढ़ में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(6), 318(4) और आईटी एक्ट की धारा 66(D) के तहत अपराध दर्ज किया है। जांच के दौरान करीब दो लाख रुपये होल्ड कराए गए हैं, जबकि अन्य रकम की ट्रेसिंग के लिए बैंक खातों और तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि कोई भी सरकारी एजेंसी फोन या वीडियो कॉल पर गिरफ्तारी या जांच के नाम पर पैसे ट्रांसफर करने को नहीं (Digital Arrest Scam) कहती। इस तरह के कॉल आने पर तुरंत सतर्क रहें और साइबर पुलिस से संपर्क करें।






