Bilaspur में सामने आए इस मामले ने ग्रामीण परिवारों की उम्मीदों पर चोट की है। सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर आरोपी ने पीड़ित परिवार से मोटी रकम वसूली और बाद में खुद ही लापता होने का नाटक रच दिया। शुरुआती पड़ताल में Job Scam Fraud के संकेत साफ दिखते हैं।
पहचान और पहुँच का झांसा
पीड़ित से आरोपी की पहचान Janjgir-Champa जिले के मुलमुला क्षेत्र में हुई। भरोसा जमाने के लिए आरोपी ने सत्ता से जुड़े लोगों तक “सीधी पहुँच” का दावा किया और नौकरी लगवाने के बहाने लगातार आश्वासन देता रहा। भरोसे की इस परत के पीछे Job Scam Fraud की पटकथा तैयार हो रही थी।
ऑनलाइन ट्रांसफर और नकद—दोनों रास्तों से रकम
पीड़ित परिवार ने अलग-अलग किस्तों में बड़ी राशि ऑनलाइन ट्रांसफर की, साथ ही नकद भुगतान भी किया। महीनों इंतजार के बाद भी नियुक्ति पत्र नहीं आया, तब जाकर संदेह गहराया। रकम लौटाने की मांग पर धमकी मिली—यह पैटर्न Job Scam Fraud के क्लासिक संकेतों से मेल खाता है।
उल्टा खेल—परिजनों से दर्ज कराई ‘गुमशुदगी’
दबाव बढ़ते ही आरोपी अचानक गायब हुआ और उसके परिजनों ने ही थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज करा दी, ताकि पीड़ितों पर मानसिक दबाव बने। बाद में आरोपी फिर गांव लौट आया। यह चालबाज़ी Job Scam Fraud में पीड़ित को उलझाने की रणनीति मानी जा रही है।
कोर्ट के आदेश पर हरकत में आई पुलिस
शिकायत को पहले “आपसी लेनदेन” बताकर टालने के बाद मामला अदालत पहुँचा। न्यायालय के निर्देश पर Hirri Police Station ने केस दर्ज किया और आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। जांच में डिजिटल ट्रांजैक्शन और कॉल रिकॉर्ड जैसे साक्ष्य खंगाले जा रहे हैं—ताकि Job Scam Fraud की पूरी कड़ी सामने आ सके।
नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी से बचने के उपाय
पुलिस ने अपील की है कि किसी भी “जुगाड़” या कथित पहुँच के दावे पर पैसे न दें, नियुक्ति प्रक्रिया की आधिकारिक वेबसाइट/सूचना से पुष्टि करें, और लेनदेन का रिकॉर्ड सुरक्षित रखें। संदिग्ध प्रस्ताव दिखें तो तुरंत शिकायत करें—ताकि Job Scam Fraud जैसे मामलों में समय रहते कार्रवाई हो सके।






