रायपुर। CM Tribute Madhukar Kher: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वरिष्ठ पत्रकार मधुकर खेर की जयंती के अवसर पर उन्हें याद करते हुए कहा कि प्रदेश में जिम्मेदार और जनोन्मुखी पत्रकारिता की नींव मजबूत करने में उनका योगदान लंबे समय तक मार्गदर्शक रहेगा। मुख्यमंत्री ने कहा, शब्दों की ताकत जब तथ्य और संवेदना से जुड़ती है, तब समाज में सकारात्मक बदलाव संभव होता है—यही विरासत स्वर्गीय खेर ने छोड़ी।
निष्पक्ष लेखनी से बना जनहित का पुल
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में यह भी रेखांकित किया कि स्वर्गीय खेर की रिपोर्टिंग ने आम नागरिक और शासन के बीच भरोसे का पुल खड़ा किया। उनके लेखों में मुद्दों की पड़ताल के साथ समाधान का संकेत रहता था, जिससे प्रशासनिक विमर्श को दिशा मिलती थी। यही परंपरा आज [Press Freedom India] के संदर्भ में और अधिक प्रासंगिक दिखती है—जहाँ पत्रकार की जिम्मेदारी तथ्यपरकता और संतुलन से तय होती है।
छत्तीसगढ़ की पत्रकारिता को मिली स्थायी पहचान
प्रदेश में हिंदी-अंग्रेज़ी पत्रकारिता को नई धार देने की बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि खेर की कार्यशैली ने छत्तीसगढ़ में मीडिया के पेशेवर मानकों को ऊंचाई दी। उनकी लेखनी सामाजिक सरोकारों से जुड़ी रही—ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर नीतिगत विमर्श तक—और यही वजह है कि [Chhattisgarh Journalism] की पहचान देशभर में सुदृढ़ हुई।
नई पीढ़ी के लिए आदर्श, सीख और जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री ने युवा पत्रकारों से आह्वान किया कि वे खेर की परंपरा से सीख लेकर निष्पक्षता, सत्यनिष्ठा और संवेदना को अपनी रिपोर्टिंग का मूल बनाएं। डिजिटल दौर में तेज़ खबरों की होड़ के बीच तथ्य-जांच और संदर्भ की अहमियत और बढ़ गई है। [Raipur News Today] जैसे स्थानीय परिप्रेक्ष्य में विश्वसनीयता बनाए रखना ही पत्रकारिता की असली कसौटी है।
राजधानी रायपुर में स्मरण, समाज को दिया संदेश
मुख्यमंत्री ने राजधानी रायपुर में हुए स्मरण कार्यक्रम के संदर्भ में कहा कि ऐसे अवसर पत्रकारिता के मूल्यों को दोहराने का मंच बनते हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि स्वर्गीय खेर के विचार आने वाली पीढ़ियों को सच के साथ खड़े रहने की प्रेरणा देते रहेंगे—यही उनकी सबसे बड़ी विरासत है।






