सीजी भास्कर 21 फ़रवरी रायपुर। CM Vishnu Deo Sai Birthday के मौके पर देशभर से बधाइयों का सिलसिला देखने को मिला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राज्यपाल रामेन डेका ने सोशल मीडिया पर शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री के दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना की। नेताओं ने राज्य के विकास में उनकी भूमिका की सराहना करते हुए (leadership in governance) को मजबूती मिलने की बात कही।
गिया से मुख्यमंत्री तक का जीवन-वृत्त
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का जन्म 21 फरवरी 1964 को जशपुर जिले के कांसाबेल तहसील स्थित ग्राम बगिया में हुआ। मध्यमवर्गीय कृषक परिवार में पले-बढ़े साय ने कुनकुरी के लोयोला उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से शिक्षा पूरी की। पारिवारिक संस्कारों और स्थानीय सरोकारों से जुड़े रहते हुए उन्होंने सार्वजनिक जीवन में कदम रखा—यही पृष्ठभूमि आगे चलकर (grassroots leadership) की पहचान बनी।
पंच से शीर्ष पद तक का सियासी सफर
राजनीतिक जीवन की शुरुआत ग्राम पंचायत से हुई—पहले पंच, फिर निर्विरोध सरपंच। इसके बाद विधानसभा और लोकसभा तक का सफर तय किया। केंद्रीय मंत्री रहते हुए उन्होंने इस्पात, खान और श्रम जैसे विभागों में जिम्मेदारियां निभाईं। संगठन में प्रदेश अध्यक्ष से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक भूमिकाएं निभाते हुए उन्होंने (organizational leadership) को मजबूती दी—यही निरंतरता आगे चलकर मुख्यमंत्री पद तक पहुंची।
आदिवासी नेतृत्व की नई पहचान
आदिवासी पृष्ठभूमि से आने वाले साय राज्य के पहले आदिवासी मुख्यमंत्री हैं। उनके नेतृत्व में दूरस्थ अंचलों की आवाज़ मुख्यधारा तक पहुंचने की उम्मीदें जगी हैं। समर्थकों का मानना है कि (tribal leadership) की यह उपस्थिति नीतियों में समावेशन और ज़मीनी असर को तेज़ करेगी।
विरासत, संगठन और जनसेवा का संगम
परिवार की सार्वजनिक जीवन में पुरानी भागीदारी और खुद का संगठनात्मक अनुभव—इन दोनों का संगम उनकी कार्यशैली में दिखता है। कार्यकर्ता-केंद्रित दृष्टि और सेवा-भाव को साथ लेकर चलने की उनकी पहचान (public service commitment) के रूप में उभरी है। जन्मदिन पर प्रदेशभर से मिल रही शुभकामनाएं इसी भरोसे की गवाही देती हैं।






