सीजी भास्कर, 21 फरवरी। छत्तीसगढ़ के पूर्व आबकारी मंत्री और विधायक कवासी लखमा आगामी विधानसभा बजट सत्र में शामिल (CG Assembly Kawasi Lakhma) हो सकेंगे, लेकिन इसके लिए उन्हें निर्धारित शर्तों का सख्ती से पालन करना होगा। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने स्पष्ट किया है कि उच्च न्यायालय से अंतरिम जमानत मिलने के बाद कवासी लखमा को सीमित दायरे में विधानसभा की कार्यवाही में भाग लेने की अनुमति दी गई है।
विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि बजट सत्र 23 फरवरी से शुरू होकर 20 मार्च तक चलेगा और इस दौरान राज्य के वित्तीय और विधायी मामलों पर महत्वपूर्ण चर्चा होगी। इसी सत्र में कवासी लखमा की उपस्थिति भी सुनिश्चित की गई है, लेकिन यह अनुमति न्यायालय के आदेश और विधानसभा नियमों के अनुरूप सशर्त होगी।
निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार कवासी लखमा को विधानसभा में आने और जाने की पूरी जानकारी सचिवालय को देनी होगी। उनकी गतिविधियां केवल विधानसभा परिसर तक सीमित (CG Assembly Kawasi Lakhma) रहेंगी और उन्हें अपने विधानसभा क्षेत्र या अन्य स्थानों का दौरा करने की अनुमति नहीं होगी। इसके साथ ही उन्हें सत्र के दौरान अपने खिलाफ चल रहे मामले से संबंधित किसी भी प्रकार की सार्वजनिक टिप्पणी या चर्चा से दूर रहना होगा।
विधानसभा अध्यक्ष ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी भी शर्त का उल्लंघन होता है, तो उन्हें दी गई अनुमति तुरंत निरस्त की जा सकती है। हालांकि, उन्हें सत्र में उठने वाले सामान्य विधायी और जनहित के मुद्दों पर चर्चा में भाग लेने की छूट रहेगी, बशर्ते वे न्यायालय में लंबित मामले का उल्लेख न करें।
उल्लेखनीय है कि कवासी लखमा को 3 फरवरी 2026 को उच्च न्यायालय से अंतरिम जमानत मिली थी। इसके बाद उन्होंने विधानसभा की कार्यवाही में शामिल होने के लिए औपचारिक प्रक्रिया (CG Assembly Kawasi Lakhma) पूरी की। विधानसभा सचिवालय द्वारा आवश्यक अनुमति और नियमों के तहत उन्हें यह अवसर प्रदान किया गया है।
राजनीतिक दृष्टि से कवासी लखमा की यह वापसी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि बजट सत्र के दौरान राज्य के कई अहम मुद्दों और योजनाओं पर चर्चा होगी। ऐसे में उनकी उपस्थिति से विधानसभा की कार्यवाही में राजनीतिक सक्रियता और बढ़ने की संभावना है।






