सीजी भास्कर, 21 फरवरी। छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र 23 फरवरी से प्रारंभ होकर 20 मार्च तक (CG Assembly Budget Session) चलेगा। इस दौरान कुल 15 बैठकें आयोजित की जाएंगी, जिनमें राज्य की वित्तीय योजनाओं, विकास प्राथमिकताओं और विधायी प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा होगी। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने प्रेस वार्ता में सत्र की पूरी रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि यह सत्र कई महत्वपूर्ण फैसलों और नीतिगत चर्चाओं का मंच बनेगा।
सत्र के पहले दिन राज्यपाल का अभिभाषण होगा, जिसमें सरकार की उपलब्धियों और आगामी योजनाओं का उल्लेख किया जाएगा। इसके बाद 25 फरवरी को अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा होगी, जिसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों अपने विचार रखेंगे।
वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी 24 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट सदन में प्रस्तुत (CG Assembly Budget Session) करेंगे। इस बजट में राज्य की आर्थिक स्थिति, विकास योजनाओं और विभिन्न क्षेत्रों के लिए संसाधनों के आवंटन की जानकारी दी जाएगी। बजट पेश होने के बाद 26 और 27 फरवरी को इस पर सामान्य चर्चा होगी, जहां विधायक अपने सुझाव और सवाल रखेंगे।
मार्च महीने में 9 से 17 तारीख तक विभागवार अनुदान मांगों पर विस्तार से चर्चा होगी। इसके बाद 17 मार्च को विनियोग विधेयक पेश किया जाएगा, जबकि 18 मार्च को इसे पारित करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। यह प्रक्रिया राज्य की वित्तीय व्यवस्था को औपचारिक रूप से लागू करने के लिए जरूरी होती है।
इस बजट सत्र में दो महत्वपूर्ण विधेयकों को भी सदन में पेश किए जाने की तैयारी है। इनमें छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक, 2026 और छत्तीसगढ़ लोक सुरक्षा (उपाय) प्रवर्तन विधेयक, 2026 शामिल हैं। इन प्रस्तावित कानूनों को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा की संभावना जताई जा रही है।
सत्र के लिए विधायकों द्वारा बड़ी संख्या में प्रश्न और प्रस्ताव भी प्रस्तुत किए (CG Assembly Budget Session) गए हैं। हजारों सवालों और विभिन्न प्रस्तावों के माध्यम से जनहित के मुद्दों को सदन में उठाया जाएगा। इससे सरकार को विभिन्न विषयों पर जवाब देना होगा और नीतिगत स्पष्टता सामने आएगी।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि बजट सत्र लोकतांत्रिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसमें राज्य के विकास, वित्तीय प्रबंधन और कानून व्यवस्था से जुड़े अहम निर्णय लिए जाते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी सदस्य सकारात्मक चर्चा के माध्यम से राज्य के हित में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।






