सीजी भास्कर 22 फरवरी रायपुर। बालौदाबाजार रवाना होने से पहले पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने Maoist Surrender Devji को सुरक्षा बलों की बड़ी कामयाबी बताया। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में जवानों को लगातार सफलताएं मिली हैं, और देवजी का आत्मसमर्पण इस बात का संकेत है कि नक्सली नेटवर्क अब भीतर से कमजोर पड़ रहा है।
‘संग्राम’ के सरेंडर से बढ़ा दबाव
मुख्यमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि देवजी के साथ ‘संग्राम’ का समर्पण होना (Anti-Naxal Operations) की दिशा में निर्णायक मोड़ है। उनके मुताबिक, लगातार ऑपरेशनों और फील्ड इंटेलिजेंस की मजबूती से संगठन के भीतर टूट साफ दिख रही है, जिससे नक्सली गतिविधियों पर लगाम कसने में मदद मिल रही है।
जवानों की सतत कार्रवाई का असर
सीएम साय ने कहा कि बीते महीनों में सुरक्षा बलों की रणनीति, इलाके की गहन घेराबंदी और स्थानीय सहयोग से (Security Forces Success) का सिलसिला मजबूत हुआ है। उनके अनुसार, आत्मसमर्पण का बढ़ता ट्रेंड बताता है कि नक्सली नेतृत्व पर दबाव बढ़ रहा है और संगठनात्मक पकड़ ढीली पड़ रही है।
गैरादपुरी प्रवास, आस्था और प्रशासनिक संदेश
पत्रकारों से चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि वे गुरु घासीदास की तपोस्थली गैरादपुरी में मेले के शुभारंभ में शामिल होंगे। उन्होंने पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना करने की बात कही, साथ ही यह संकेत दिया कि (Governance Outreach) के जरिए सरकार सामाजिक-सुरक्षा और विकास को समानांतर आगे बढ़ा रही है।
धर्मांतरण विधेयक पर बजट सत्र में पहल
प्रदेश में चल रही सियासी बहस के बीच मुख्यमंत्री ने कहा कि धर्मांतरण से जुड़े विधेयक को बजट सत्र में पेश किया जाएगा। उनके मुताबिक, सरकार सभी पक्षों को सुनकर संतुलित ढांचा तैयार करेगी, ताकि कानून व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द दोनों मजबूत रहें।






