छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के बोरई इलाके में स्थित आवासीय विद्यालय में छात्रों के साथ मारपीट का गंभीर मामला सामने आया है। स्कूल परिसर में मोबाइल रखने को लेकर विवाद बढ़ा और बात हाथापाई तक पहुंच गई। परिजनों की शिकायत पर पुलगांव थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। प्रारंभिक पड़ताल में (Student Assault Case in School) से जुड़े तथ्य सामने आए हैं।
CCTV में कैद हुई मारपीट की तस्वीरें
छात्रों का कहना है कि घटना स्कूल के भीतर हुई, जहां मौजूद सीसीटीवी कैमरों में पूरा घटनाक्रम रिकॉर्ड हुआ। फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपित शिक्षकों से पूछताछ की। हालांकि, जांच से जुड़ी संवेदनशीलता के कारण वीडियो सार्वजनिक नहीं किया गया। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक (Student Assault Case in School) में दृश्य साक्ष्य अहम कड़ी बने हैं।
आंखों में लाली, कान से खून; गंभीर चोटों का आरोप
पीड़ित छात्रों के परिजनों का आरोप है कि मारपीट के बाद कुछ बच्चों की आंखों में तेज जलन और लालिमा रही, एक छात्र के कान से खून बहने की बात सामने आई। एक छात्र ने निजी अंग पर चोट लगने से दर्द और सूजन की शिकायत बताई है। मेडिकल जांच रिपोर्ट पुलिस केस डायरी का हिस्सा बनाई गई है। (Student Assault Case in School) ने अभिभावकों के बीच गहरी चिंता पैदा की है।
मोबाइल नीति के उल्लंघन पर बढ़ा विवाद
स्कूल प्रबंधन के मुताबिक परिसर में मोबाइल लाने की अनुमति नहीं है। छात्रों पर आरोप है कि कुछ बच्चों ने नियमों के खिलाफ फोन रखा था। इसी बात को लेकर शिक्षकों और छात्रों के बीच तनातनी हुई, जो कथित तौर पर हिंसा में बदल गई। जांच अधिकारी यह पता लगा रहे हैं कि (Student Assault Case in School) में अनुशासनात्मक कार्रवाई की सीमा कैसे टूटी।
आरोपी शिक्षक गिरफ्तार, विभागीय निलंबन
पुलिस ने मामले में दो शिक्षकों को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। जिला शिक्षा अधिकारी ने प्रथम दृष्टया दोष पाए जाने पर दोनों को निलंबित किया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद कठोर निर्णय लिया जाएगा। (Student Assault Case in School) के बाद आवासीय स्कूलों की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठे हैं।
अभिभावकों की मांग—सुरक्षा प्रोटोकॉल कड़े हों
घटना के बाद अभिभावकों ने स्कूल परिसरों में छात्रों की सुरक्षा के लिए स्पष्ट प्रोटोकॉल, काउंसलिंग व्यवस्था और शिकायत तंत्र मजबूत करने की मांग उठाई है। जिला प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि (Student Assault Case in School) से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच होगी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई तय है।






