Naxal Infighting News : ओडिशा के कंधमाल जिला में नक्सल संगठन की अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आई है। 22 लाख के इनामी नक्सली अन्वेष की उसके ही साथियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अन्वेष आत्मसमर्पण की तैयारी में था, जिसकी भनक लगते ही संगठन के भीतर शक और टकराव बढ़ गया। यह घटना (Internal Conflict in Naxal Groups) की गंभीर तस्वीर पेश करती है।
सरेंडर की भनक और जंगल में साजिश
जानकारी के अनुसार अन्वेष, दरिंगबाड़ी क्षेत्र के रिज़र्व फॉरेस्ट में सक्रिय केकेबीएन ग्रुप का एरिया पार्टी कमांडर था। संगठन को उसके सरेंडर की आशंका हुई तो मोस्ट-वांटेड सुकुरु समेत साथियों ने पहले बहस की, फिर उसे गोली मार दी। बाद में शव को जंगल में दफना दिया गया। पुलिस का कहना है कि यह मामला (Surrender Plan Leak) के बाद उपजी भीतरू साजिश का नतीजा है।
बीजापुर के जंगलों में सुरक्षाबलों से मुठभेड़
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिला में जांगला थाना क्षेत्र के जैगुर-डोडुम जंगलों में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। इंद्रावती नदी के आसपास नक्सल मौजूदगी की सूचना पर संयुक्त टीम सर्चिंग पर निकली थी। जवानों को देखते ही नक्सलियों ने फायरिंग की, जवाबी कार्रवाई में दो वर्दीधारी नक्सली मारे गए, जिनमें एक महिला भी शामिल है। यह कार्रवाई (Bijapur Encounter Update) के तौर पर दर्ज की गई है।
हथियार और विस्फोटक बरामद, सर्च ऑपरेशन जारी
मुठभेड़ स्थल से एक एसएलआर, एक इंसास राइफल, 12 बोर हथियार, विस्फोटक सामग्री और दैनिक उपयोग की वस्तुएं बरामद की गईं। अधिकारियों ने बताया कि इलाके में कॉम्बिंग ऑपरेशन जारी है ताकि शेष नेटवर्क की गतिविधियों पर लगाम लगाई जा सके। सुरक्षा एजेंसियां इसे (Counter Naxal Operation) की बड़ी सफलता मान रही हैं।
सीमावर्ती इलाकों में दबाव बढ़ा, नेटवर्क कमजोर
इससे पहले छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा पर हुई कार्रवाई में सात नक्सली मारे गए थे। लगातार दबाव, गिरफ्तारी और आत्मसमर्पण से संगठन के भीतर भरोसे की दीवार दरक रही है। अधिकारियों का दावा है कि बस्तर संभाग में अब सीमित संख्या में सशस्त्र नक्सली सक्रिय हैं और प्रभाव घट रहा है, जो (Declining Naxal Influence) का संकेत देता है।






