RTE Student Exploitation Case Surajpur: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में स्थित मुख्यमंत्री DAV पब्लिक स्कूल को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। अभिभावकों ने कलेक्टर जनदर्शन में लिखित शिकायत देकर बताया कि शिक्षा का अधिकार के तहत पढ़ने वाले बच्चों से स्कूल परिसर में काम कराया जा रहा है। मामला सामने आते ही (RTE Violation) को लेकर शिक्षा विभाग हरकत में आया।
बच्चों से निर्माण और पुताई कराने के आरोप
शिकायत में कहा गया है कि आरटीई के तहत पढ़ रहे छात्रों से सीमेंट-रेत ढोने जैसे निर्माण कार्य कराए गए, वहीं कक्षाओं की पुताई और सफाई भी बच्चों से करवाई गई। छात्रों के मुताबिक काम से इनकार करने पर टीसी काटने की धमकी दी जाती थी। यह स्थिति (Child Labour in School) जैसी गंभीर चिंता की ओर इशारा करती है।
फोटो-वीडियो बने सबूत, अभद्र व्यवहार का आरोप
अभिभावकों ने बच्चों के काम करते हुए फोटो और वीडियो भी सौंपे हैं। कुछ क्लिप में बच्चे मसाला बनाते और दीवारों पर पुताई करते दिख रहे हैं। परिजनों का आरोप है कि जब वे स्कूल पहुंचे तो प्रबंधन की ओर से असहज व्यवहार किया गया और सुविधाओं का हवाला देकर बच्चों से काम कराने को जायज़ ठहराया गया। इस पूरे घटनाक्रम को (School Misconduct Probe) के दायरे में जांचा जा रहा है।
कक्षा के आवास उपयोग का भी आरोप
शिकायत में यह भी जिक्र है कि स्कूल की एक कक्षा का इस्तेमाल आवासीय प्रयोजन के लिए किया जा रहा है। अभिभावकों का कहना है कि यह शैक्षणिक वातावरण के खिलाफ है और बच्चों की पढ़ाई पर इसका असर पड़ रहा है। वीडियो फुटेज कथित तौर पर हाल के दिनों का बताया जा रहा है, जिसकी सत्यता की जांच चल रही है।
सात दिन में रिपोर्ट सौंपेगी जांच समिति
कलेक्टर के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी ने तीन सदस्यीय जांच समिति बनाई है। समिति को सात दिनों के भीतर तथ्यात्मक रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई तय होगी। वहीं, स्कूल प्रबंधन ने आरोपों को निराधार बताते हुए जांच में सच्चाई सामने आने की बात कही है।






