Gariaband Naxal Cash Seizure: गरियाबंद जिले के दुर्गम पहाड़ी इलाकों में सुरक्षाबलों की कार्रवाई ने नक्सली नेटवर्क को सीधा आर्थिक झटका दिया है। ओडिशा बॉर्डर से सटे ग्राम कड़ेदोरा के घने जंगलों में स्थित भालूडिग्गी पहाड़ लंबे समय से उग्रवादियों की गतिविधियों का अघोषित ठिकाना माना जाता रहा है। इसी क्षेत्र से 46 लाख 31 हजार 500 रुपये नकद और भारी मात्रा में हथियार बरामद होना, (Gariaband Naxal Cash Seizure) की अब तक की सबसे बड़ी कामयाबियों में गिना जा रहा है।
सरेंडर नक्सलियों से मिला अहम इनपुट
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों से मिले इनपुट के आधार पर की गई। इन सरेंडर कैडरों ने बताया कि भालूडिग्गी पहाड़ क्षेत्र में संगठन ने गुप्त डंप तैयार किए थे, जहां नकदी और हथियार जमीन के भीतर छिपाकर रखे गए थे। इसी पुख्ता सूचना पर ई-30 ऑप्स टीम और धमतरी डीआरजी की संयुक्त टीम ने सघन तलाशी अभियान चलाया, जिसने (Gariaband Naxal Cash Seizure) को अंजाम तक पहुंचाया।
जमीन में गड़े दो डंप, एक में कैश तो दूसरे में हथियार
सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबलों को दो अलग-अलग डंप मिले। पहले डंप से 46 लाख 31 हजार 500 रुपये नकद बरामद हुए, जिनमें दो हजार के पुराने नोट और 500 रुपये के नोट शामिल थे। दूसरे डंप से ग्रेनेड, बंदूकें, कारतूस, विस्फोटक सामग्री और कुछ इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त किए गए। अधिकारियों का कहना है कि ये संसाधन नक्सली गतिविधियों को दोबारा संगठित करने के लिए इकट्ठा किए जा रहे थे, लेकिन समय रहते (Gariaband Naxal Cash Seizure) से यह योजना ध्वस्त हो गई।
भालूडिग्गी पहाड़ कभी नक्सलियों का मजबूत गढ़ था
भालूडिग्गी पहाड़ी क्षेत्र पहले नक्सल बैठकों और रणनीतिक प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र माना जाता था। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, कुछ वर्ष पहले यहां 50 से 60 नक्सली सक्रिय रहते थे। जनवरी 2025 में हुई मुठभेड़ों के बाद संगठन को भारी नुकसान हुआ और इलाके में उनकी पकड़ कमजोर पड़ी। इससे पहले एक लंबे ऑपरेशन में कई शीर्ष नक्सली मारे गए थे, जिससे पूरा नेटवर्क बिखर गया। मौजूदा कार्रवाई (Gariaband Naxal Cash Seizure) उसी कमजोर पड़ चुके ढांचे पर निर्णायक प्रहार मानी जा रही है।
नकदी का इस्तेमाल नेटवर्क फैलाने में होना था
पूछताछ में सामने आया कि बरामद नकदी का उपयोग पश्चिम ओडिशा क्षेत्र में संगठन के विस्तार, हथियारों की खरीद और कैडर को भुगतान के लिए किया जाना था। नक्सली संगठन आर्थिक संसाधनों के जरिए स्थानीय स्तर पर दोबारा पकड़ बनाने की कोशिश कर रहा था। हालांकि, इस कार्रवाई से उनकी आर्थिक रीढ़ टूट गई है और (Gariaband Naxal Cash Seizure) ने भविष्य की योजनाओं पर भी ब्रेक लगा दिया है।
जिले में अब तक 1.08 करोड़ की जब्ती
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के अनुसार, गरियाबंद जिले में बीते अभियानों के दौरान अब तक कुल 1 करोड़ 8 लाख रुपये नकद जब्त किए जा चुके हैं। सुरक्षा एजेंसियों का दावा है कि भालूडिग्गी क्षेत्र को अब लगभग नक्सल मुक्त घोषित किया जा सकता है, लेकिन किसी भी संभावित वापसी को रोकने के लिए सघन निगरानी और सर्च ऑपरेशन लगातार जारी रहेंगे। (Gariaband Naxal Cash Seizure) को आने वाले समय में नक्सल विरोधी अभियानों के लिए एक बड़ा टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है।






