सीजी भास्कर 2 मार्च Pollution Control Crackdown: राज्य के औद्योगिक इलाकों में लगातार हो रहे निरीक्षणों के बाद प्रदूषण मानकों की अनदेखी करने वाले उद्योगों पर सख्त कार्रवाई हुई। 10 से 25 फरवरी 2026 के बीच की जांच में कई यूनिट्स में वायु और जल प्रदूषण के गंभीर उल्लंघन मिले, जिसके बाद उत्पादन बंद कराने के साथ बिजली कनेक्शन काटे गए। अधिकारियों के मुताबिक यह (Chhattisgarh Pollution Action) का हिस्सा है, ताकि नियमों का पालन सुनिश्चित हो।
चरौदा की स्पंज आयरन यूनिट पर ताला
ग्राम चरौदा, तहसील व जिला Raipur स्थित एक स्पंज आयरन इकाई में मानकों से अधिक उत्सर्जन दर्ज किया गया। जांच रिपोर्ट के आधार पर वायु अधिनियम के तहत उत्पादन बंद करने और विद्युत विच्छेदन के आदेश जारी हुए। पर्यावरण मंडल ने साफ किया कि (Industrial Emission Violation) पाए जाने पर किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
मेटल पार्क में 11 इकाइयों पर सीधी कार्रवाई
रावांभाठा स्थित मेटल पार्क में निरीक्षण के दौरान बिना वैध सम्मति चल रही स्लैग क्रशर, बाइंडिंग वायर और स्टील फर्नीचर यूनिट्स पकड़ी गईं। वायु और जल दोनों कानूनों के उल्लंघन पर इन सभी के खिलाफ उत्पादन बंद और बिजली काटने के आदेश हुए। यह कदम (Air Water Act Enforcement) को जमीन पर उतारने की कार्रवाई माना जा रहा है।
सिलतरा–उरला में फर्नेस यूनिट्स पर गाज
सिलतरा और उरला–गोंदवारा क्षेत्र की इंडक्शन फर्नेस और सीसीएम यूनिट्स में भी प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों की खामियां पाई गईं। निरीक्षण के बाद तत्काल प्रभाव से संचालन रोका गया। अधिकारियों का कहना है कि (Raipur Industrial Zone) में नियमित औचक जांच आगे भी जारी रहेगी।
9.22 लाख की क्षतिपूर्ति, सुधार तक नो-एंट्री
नियमों के उल्लंघन की अवधि के लिए तीन उद्योगों पर कुल 9.22 लाख रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति लगाई गई है। मंडल का कहना है कि जब तक सभी यूनिट्स वैधानिक शर्तों का पूर्ण अनुपालन नहीं करतीं, संचालन की अनुमति नहीं मिलेगी। साथ ही, आसपास के इलाकों में निगरानी और सैंपलिंग तेज की जाएगी।






