भारत में तेजी से बढ़ती इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के बीच थ्री-व्हीलर ई-व्हीकल निर्माता कंपनी जीके इलेक्ट्रिक ने अपने ग्राहकों को बेहतर वित्तीय सुविधा देने के उद्देश्य से लोक सुविधा फाइनेंस के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता किया है। इस साझेदारी के तहत कंपनी के ई-पैसेंजर और ई-कार्गो वाहनों को खरीदने वाले ग्राहकों को आसान और पारदर्शी फाइनेंस विकल्प उपलब्ध कराए जाएंगे। उद्योग जगत में इस समझौते को (GK Electric Lok Suvidha Finance Deal) के रूप में देखा जा रहा है, जो इलेक्ट्रिक वाहन बाजार को नई गति दे सकता है।
ग्राहकों को मिलेगा सरल लोन विकल्प
कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक इस सहयोग के तहत लोक सुविधा फाइनेंस, जीके इलेक्ट्रिक के ग्राहकों को वाहन खरीदने के लिए सरल और किफायती फाइनेंस योजनाएं उपलब्ध कराएगी। इसका उद्देश्य ऐसे ग्राहकों तक भी ई-वाहनों की पहुंच बढ़ाना है जो सीमित पूंजी के कारण वाहन खरीदने में कठिनाई महसूस करते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की पहल से (Electric Vehicle Financing) व्यवस्था और मजबूत होगी।
समारोह में कंपनी और फाइनेंस संस्था के प्रतिनिधि मौजूद
एमओयू हस्ताक्षर कार्यक्रम में जीके इलेक्ट्रिक की ओर से डायरेक्टर अमर परवानी और पुनीत परवानी सहित कंपनी की टीम मौजूद रही। वहीं लोक सुविधा फाइनेंस के फाउंडर और सीईओ निमिष लड्डा भी इस अवसर पर उपस्थित थे। कार्यक्रम के दौरान दोनों पक्षों ने इस साझेदारी को देश में बढ़ती (EV Mobility India) की दिशा में एक अहम कदम बताया।
छोटे उद्यमियों को मिलेगा बड़ा लाभ
जीके इलेक्ट्रिक के डायरेक्टर पुनीत परवानी ने कहा कि कंपनी का लक्ष्य देश के विभिन्न हिस्सों में किफायती और भरोसेमंद ई-मोबिलिटी समाधान उपलब्ध कराना है। उनका कहना है कि फाइनेंस सुविधा आसान होने से छोटे व्यापारियों, डिलीवरी व्यवसाय से जुड़े लोगों और नए उद्यमियों के लिए इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर खरीदना अधिक सरल हो जाएगा। इससे न केवल स्वच्छ परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा बल्कि पर्यावरण संरक्षण के लिए चल रहे (Green Transport Initiative) को भी मजबूती मिलेगी।
इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर सेक्टर में बढ़ेगी रफ्तार
कंपनी के मुताबिक यह समझौता इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर सेगमेंट में फाइनेंसिंग ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। आने वाले समय में इस साझेदारी के माध्यम से अधिक ग्राहकों तक ई-वाहनों की पहुंच बनाने की योजना है, जिससे देश में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के विस्तार को भी गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।





