मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच Dubai Situation Update को लेकर लगातार नई जानकारी सामने आ रही है। ईरान और इजराइल के बीच जारी टकराव के कारण कई खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों के बीच चिंता का माहौल है। इसी बीच बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक भी अपने देश लौट रहे हैं। भारत सरकार की मदद से हजारों लोगों की सुरक्षित वापसी कराई जा रही है और बाकी लोगों को निकालने के प्रयास अभी भी जारी हैं।
दुबई से लौटे यात्रियों ने बताई अलग-अलग तस्वीर
दुबई से भारत लौटे कुछ यात्रियों ने वहां की स्थिति को लेकर अलग-अलग अनुभव साझा किए हैं। बेंगलुरु एयरपोर्ट पहुंचे एक भारतीय यात्री ने बताया कि उन्होंने पहले 2 मार्च की फ्लाइट बुक की थी, लेकिन हालात के कारण वह रद्द हो गई। बाद में उन्हें दूसरी फ्लाइट में सीट मिली और वे सुरक्षित भारत पहुंच पाए। उनके मुताबिक दुबई में सामान्य जनजीवन चलता हुआ दिखाई दे रहा था। इस तरह की परिस्थितियों को अक्सर Middle East Tension के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।
पर्यटन और बाजारों में सामान्य गतिविधियां
कुछ यात्रियों का कहना है कि दुबई में पर्यटक गतिविधियां भी जारी हैं और लोग सामान्य रूप से घूमते नजर आ रहे हैं। होटल, बाजार और प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भीड़ दिखाई दे रही है। हालांकि सुरक्षा एजेंसियां लगातार सतर्क हैं और लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। कई यात्रियों ने यह भी बताया कि स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
कई लोगों ने बताया तनावपूर्ण माहौल
वहीं कुछ यात्रियों का अनुभव इससे अलग भी रहा। पुणे पहुंचे एक यात्री ने बताया कि क्षेत्र में तनाव का माहौल महसूस किया जा रहा था और कई उड़ानें रद्द होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि पिछले कई दिनों से फ्लाइट बुक करने की कोशिश चल रही थी। ऐसे हालात में भारतीय दूतावास और सरकारी एजेंसियों की मदद काफी महत्वपूर्ण साबित हुई। यह पूरा घटनाक्रम Indian Evacuation प्रयासों से भी जुड़ा हुआ है।
सरकार और दूतावास की सक्रिय भूमिका
भारत लौटे कई यात्रियों ने भारतीय दूतावास और सरकार की भूमिका की सराहना की। उनका कहना है कि लगातार अपडेट और सहायता उपलब्ध कराई जा रही थी, जिससे लोगों को सुरक्षित बाहर निकलने में मदद मिली। विदेश मंत्रालय भी हालात पर लगातार नजर रखे हुए है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त उड़ानों की व्यवस्था की जा रही है।
एक हफ्ते में हजारों भारतीय लौटे
विदेश मंत्रालय के अनुसार 1 से 7 मार्च 2026 के बीच 52 हजार से ज्यादा भारतीय खाड़ी देशों से सुरक्षित भारत लौटे हैं। इनमें से बड़ी संख्या नियमित एयरलाइंस के जरिए आई, जबकि कुछ लोग अन्य कमर्शियल और विशेष उड़ानों से वापस पहुंचे। जिन क्षेत्रों में हवाई सेवा सीमित है, वहां से लोगों को निकालने के लिए वैकल्पिक रास्तों पर भी काम किया जा रहा है। इस पूरे अभियान को विशेषज्ञ Global Crisis Response के उदाहरण के रूप में देख रहे हैं।





