देश के कई राज्यों में इस बार Rajya Sabha Election 2026 की तस्वीर मतदान से पहले ही लगभग साफ हो चुकी है। 10 राज्यों की 37 सीटों के लिए हो रहे चुनाव में अब तक 26 उम्मीदवार निर्विरोध चुने जा चुके हैं। राजनीतिक दलों द्वारा कई सीटों पर प्रत्याशी न उतारने के कारण इन नेताओं की जीत बिना मतदान के ही तय हो गई। इनमें Sharad Pawar, Ramdas Athawale, Abhishek Manu Singhvi जैसे बड़े नाम शामिल हैं।
सात राज्यों की सीटों पर निर्विरोध जीत
राजनीतिक रणनीति और संख्या बल के चलते कई राज्यों में मुकाबला ही नहीं बन पाया। महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और हिमाचल प्रदेश की सीटों पर उम्मीदवारों को सीधे जीत मिल गई। इन राज्यों में Unopposed Rajya Sabha Candidates के रूप में कई प्रमुख नेताओं के नाम सामने आए हैं। छत्तीसगढ़ से Phulo Devi Netam और Lakshmi Verma का राज्यसभा पहुंचना लगभग तय माना जा रहा है।
अब सिर्फ तीन राज्यों में होगा असली मुकाबला
जहां अधिकांश सीटों पर स्थिति साफ हो चुकी है, वहीं बिहार, हरियाणा और ओडिशा में राजनीतिक मुकाबला अभी बाकी है। इन राज्यों की कुल 11 सीटों के लिए 16 मार्च को मतदान होगा। Rajya Sabha Voting 16 March के तहत बिहार की 5, ओडिशा की 4 और हरियाणा की 2 सीटों पर चुनाव कराया जाएगा, जहां अतिरिक्त उम्मीदवार मैदान में होने से मुकाबला रोचक हो गया है।
बिहार में पांचवीं सीट पर सियासी गणित सबसे दिलचस्प
बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए छह उम्मीदवार मैदान में हैं, जिससे Bihar Political Equation सबसे ज्यादा चर्चा में है। एनडीए और विपक्ष दोनों ही अपने-अपने समीकरण साधने में जुटे हैं। यहां एक सीट के लिए 41 विधायकों का समर्थन जरूरी होता है। ऐसे में आंकड़ों और क्रॉस वोटिंग की संभावनाओं को लेकर राजनीतिक हलकों में लगातार चर्चाएं तेज हैं।
हरियाणा और ओडिशा में भी बढ़ी सियासी हलचल
हरियाणा में दो सीटों के लिए तीन उम्मीदवार मैदान में उतरने से मुकाबला रोचक हो गया है। वहीं ओडिशा में चार सीटों के लिए पांच उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। राजनीतिक दलों ने अपने-अपने विधायकों को साधने की कोशिशें तेज कर दी हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि इन राज्यों में होने वाली वोटिंग राज्यसभा की बाकी सीटों का अंतिम गणित तय करेगी।





