सीजी भास्कर 13 मार्च Illegal Opium Cultivation Crackdown : छत्तीसगढ़ में हाल ही में सामने आए अवैध अफीम खेती के मामलों के बाद राज्य सरकार ने सख्त रुख अपना लिया है। मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा है कि प्रदेश के किसी भी हिस्से में नशीले पदार्थों की अवैध खेती को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी कड़ी में सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देश जारी कर व्यापक स्तर पर सर्वे कराने के आदेश दिए गए हैं, ताकि स्थिति की सही जानकारी सामने आ सके।
15 दिन के भीतर मांगी गई विस्तृत रिपोर्ट
सरकारी निर्देशों के अनुसार सभी जिला प्रशासन को अपने-अपने क्षेत्रों में जांच अभियान चलाने के लिए कहा गया है। कलेक्टरों को निर्देश दिया गया है कि वे 15 दिनों के भीतर सर्वे कर यह सुनिश्चित करें कि जिले में कहीं भी अवैध अफीम की खेती नहीं हो रही है। इसके साथ ही प्रमाण-पत्र सहित विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेजने के लिए भी कहा गया है।
दुर्ग और बलरामपुर के मामलों के बाद बढ़ी सख्ती
हाल के दिनों में दुर्ग और बलरामपुर जिलों में अवैध अफीम की खेती के मामले सामने आने के बाद प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। इन घटनाओं के बाद सरकार ने पूरे प्रदेश में निगरानी बढ़ाने का फैसला लिया है। अधिकारियों का मानना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो यह समस्या बड़े स्तर पर फैल सकती है।
राज्य में लागू है जीरो टॉलरेंस नीति
सरकार का कहना है कि नशीले पदार्थों के उत्पादन और अवैध कारोबार को रोकने के लिए सख्त नीति अपनाई जा रही है। इसी दिशा में प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि यदि कहीं भी अवैध खेती या इससे जुड़े गतिविधियों का पता चलता है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासनिक स्तर पर निगरानी बढ़ाने की तैयारी
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद भू-अभिलेख आयुक्त ने भी सभी जिलों को निर्देश भेज दिए हैं कि वे अपने क्षेत्र में जांच प्रक्रिया तेज करें। प्रशासन अब गांवों और दूरदराज के इलाकों में भी निगरानी बढ़ाने की तैयारी कर रहा है, ताकि प्रदेश में अवैध मादक पदार्थों की खेती को पूरी तरह खत्म किया जा सके।





