LPG Cylinder Shortage Chhattisgarh : छत्तीसगढ़ के कई शहरों में इन दिनों एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति को लेकर उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ती दिखाई दे रही है। राजधानी Raipur समेत कई जिलों में गैस एजेंसियों और गोदामों के बाहर सुबह से ही लोगों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। उपभोक्ता तेज धूप में घंटों खड़े होकर सिलेंडर मिलने का इंतजार कर रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि कई जगहों पर लोगों को एक सिलेंडर के लिए कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है।
प्रदेश के कई जिलों में दिख रहा असर
गैस की कमी का असर Bilaspur, Durg-भिलाई, Raigarh और Surguja सहित कई जिलों में देखने को मिल रहा है। गैस एजेंसियों के बाहर बड़ी संख्या में उपभोक्ता अपनी बारी का इंतजार करते नजर आ रहे हैं। वहीं कई जगहों पर सर्वर ठप होने की वजह से गैस वितरण की प्रक्रिया और धीमी हो गई है, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।
ऑनलाइन बुकिंग अस्थायी रूप से बंद
फिलहाल कई स्थानों पर ऑनलाइन और मिस्ड कॉल के जरिए गैस सिलेंडर बुकिंग की सुविधा अस्थायी रूप से रोक दी गई है। जिन उपभोक्ताओं ने पहले से बुकिंग कर रखी है, उन्हें भी सिलेंडर की डिलीवरी के लिए 10 से 12 दिन तक इंतजार करना पड़ सकता है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि प्रदेश में गैस का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और स्थिति को सामान्य बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।
कालाबाजारी रोकने के लिए छापेमारी
एलपीजी सिलेंडरों की जमाखोरी और कालाबाजारी की शिकायतों के बाद प्रशासन ने जांच अभियान तेज कर दिया है। राजधानी में कई स्थानों पर छापेमारी कर 350 से अधिक गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं, जबकि पूरे प्रदेश में अब तक करीब 500 सिलेंडर जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान कई जगहों पर घरेलू गैस सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग पाया गया।
इंडक्शन चूल्हों की मांग में अचानक बढ़ोतरी
गैस सिलेंडर की कमी के बीच बाजार में इंडक्शन चूल्हों की मांग तेजी से बढ़ गई है। व्यापारियों के अनुसार पिछले कुछ दिनों में इंडक्शन कुकटॉप की बिक्री में लगभग 10 से 20 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई है। कई उपभोक्ता वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में इंडक्शन और इलेक्ट्रिक कुकिंग उपकरणों की ओर रुख कर रहे हैं।
नियम उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग केवल घरेलू कार्यों के लिए ही किया जा सकता है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ पेट्रोलियम गैस प्रदाय एवं वितरण विनियम आदेश 2000 और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत कार्रवाई की जा रही है। खाद्य विभाग ने भी कहा है कि आगे भी लगातार जांच अभियान चलाया जाएगा ताकि कालाबाजारी और अवैध उपयोग पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।





