सीजी भास्कर, 15 मार्च। शहर में घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की कथित किल्लत को लेकर रविवार को बिलासपुर में कांग्रेस ने अनोखे अंदाज में प्रदर्शन (Bilaspur gas cylinder Shortage) किया। नेहरू चौक पर आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रतीकात्मक रूप से गैस सिलेंडर को श्रद्धांजलि देकर सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई। प्रदर्शन के दौरान गैस सिलेंडर की कमी, बढ़ती कीमतों, कालाबाजारी और आम उपभोक्ताओं की परेशानी को प्रमुख मुद्दा बनाया गया।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रशासन और सरकार की ओर से लगातार यह दावा किया जा रहा है कि गैस सिलेंडर की कोई कमी नहीं है, लेकिन जमीनी तस्वीर इससे अलग दिखाई दे रही है। शहर की गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें लग रही हैं, उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर नहीं मिल रहा और कई लोगों को मजबूरी में अधिक कीमत देकर गैस खरीदनी पड़ रही है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब घरों का चूल्हा ठंडा पड़ने लगे, तब सरकारी दावों पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
नेहरू चौक पर प्रतीकात्मक प्रदर्शन
नेहरू चौक में हुए प्रदर्शन को कांग्रेस ने जनसमस्याओं की आवाज बताया। जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री और शहर अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा ने कहा कि प्रदेश के साथ बिलासपुर में भी एलपीजी गैस की भारी किल्लत बनी हुई है। उनका आरोप था कि सरकार इस समस्या के समाधान में पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने कहा कि कीमतों में बढ़ोतरी के साथ आपूर्ति की परेशानी ने आम परिवारों का बजट बिगाड़ दिया है और एजेंसियों के बाहर लग रही लंबी कतारें इसकी गवाही दे रही हैं।
नेताओं ने यह भी कहा कि कई उपभोक्ताओं को एजेंसियों से संपर्क करने में दिक्कत आ रही है, फोन कॉल तक नहीं लग पा रहे हैं। ऐसे में लोगों को ब्लैक में सिलेंडर लेने जैसी स्थिति का सामना (Bilaspur gas cylinder Shortage) करना पड़ रहा है। कांग्रेस का कहना है कि सरकार की नाकामी के खिलाफ यह प्रतीकात्मक श्रद्धांजलि प्रदर्शन किया गया, ताकि जनता की परेशानी को सार्वजनिक रूप से सामने लाया जा सके।
17 मार्च के विधानसभा घेराव की घोषणा
गैस सिलेंडर की किल्लत का मुद्दा केवल स्थानीय विरोध तक सीमित नहीं रखा गया। कांग्रेस ने इसे प्रदेश स्तर के बड़े आंदोलन से जोड़ा है। पार्टी की ओर से 17 मार्च को विधानसभा घेराव का ऐलान किया गया है। इस प्रस्तावित आंदोलन में गैस सिलेंडर की कमी, कालाबाजारी, बिजली दरों में बढ़ोतरी, बढ़ते अपराध, नशाखोरी, भ्रष्टाचार, मनरेगा बचाव और अफीम की खेती जैसे कई मुद्दों को शामिल किया गया है।
बताया गया कि बिलासपुर से जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी, ब्लॉक स्तर के कार्यकर्ता और पार्टी से जुड़े अन्य लोग रायपुर में होने वाले इस आंदोलन में भाग लेंगे। कांग्रेस इस घेराव को सरकार के खिलाफ व्यापक जनाक्रोश का प्रदर्शन बताने की कोशिश में है।
युवा कांग्रेस और NSUI का अलग अंदाज
इसी मुद्दे पर युवा कांग्रेस और एनएसयूआई ने भी विरोध दर्ज कराया। सरकंडा के कपिल नगर चौक में एनएसयूआई प्रदेश महासचिव विकास सिंह ठाकुर के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने अलग तरह का प्रदर्शन (Bilaspur gas cylinder Shortage) किया। प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री के एक पुराने बयान का जिक्र करते हुए नाले में पाइप लगाकर चाय बनाने की कोशिश की गई। करीब दो घंटे तक चले इस प्रतीकात्मक प्रदर्शन के बावजूद चाय नहीं बन सकी, जिसके जरिए कार्यकर्ताओं ने सरकार पर तंज कसा।
इस प्रदर्शन के दौरान स्थानीय लोगों की भीड़ भी मौके पर जुटी रही। कार्यक्रम में कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिन्होंने एलपीजी गैस की कमी और बढ़ती कीमतों को लेकर सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई। कांग्रेस और उससे जुड़े संगठनों ने इस पूरे विरोध को आम जनता की रोजमर्रा की परेशानी से जोड़ा।
आंदोलन की रणनीति पर कांग्रेस की बैठक
17 मार्च के विधानसभा घेराव को लेकर बिलासपुर के कांग्रेस भवन में रविवार को अलग से बैठक भी आयोजित की गई। बैठक में सहप्रभारी विजय जांगिड़ ने जिले भर से आए नेताओं और कार्यकर्ताओं से बड़ी संख्या में आंदोलन में शामिल होने की अपील की। बैठक में कहा गया कि प्रदेश में कई गंभीर मुद्दे लगातार उठ रहे हैं, लेकिन सरकार जवाब देने से बच रही है।
बैठक में मौजूद नेताओं ने आरोप लगाया कि धान खरीदी, मनरेगा, अपराध, गैस सिलेंडर की किल्लत और अन्य जनसरोकार के मुद्दों पर सरकार की स्थिति कमजोर दिखाई (Bilaspur gas cylinder Shortage) दे रही है। कांग्रेस नेताओं ने जिला और ब्लॉक स्तर के पदाधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपते हुए रायपुर में अधिक से अधिक भीड़ जुटाने का लक्ष्य तय किया। पार्टी अब इस विरोध को केवल बयानबाजी तक सीमित रखने के बजाय सड़कों से विधानसभा तक ले जाने की तैयारी में दिख रही है।





