सीजी भास्कर, 16 मार्च। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के सिलतरा औद्योगिक इलाके में सोमवार को उस समय हड़कंप (Silatra Incident) मच गया, जब सोंडरा गांव का एक ग्रामीण हाईटेंशन बिजली टावर पर चढ़ गया। ग्रामीण की पहचान किशन लाल निषाद के रूप में हुई है। उसने फॉर्चून मेटल प्राइवेट लिमिटेड पर अपनी पुश्तैनी जमीन पर कब्जा करने का आरोप लगाया है और जमीन मुक्त कराने की मांग पर अड़ गया। स्थानीय स्तर पर इस घटना की जानकारी सामने आई है।
जमीन विवाद को लेकर टावर पर चढ़ा ग्रामीण
ग्रामीण किशन लाल निषाद का आरोप है कि उसकी जमीन पिछले करीब 12 साल से कंपनी के कब्जे में है। उसका कहना है कि वह लंबे समय से शासन-प्रशासन के दफ्तरों के चक्कर काट रहा है, लेकिन अब तक उसे राहत नहीं मिली। इसी नाराजगी के बीच उसने सोमवार सुबह आत्मघाती कदम उठाते हुए सिलतरा चौकी इलाके में स्थित हाईटेंशन टावर पर चढ़कर विरोध जताया। इस दावे का जिक्र स्थानीय कवरेज में भी किया गया है।
मौके पर पहुंचे SDM, तहसीलदार और पुलिस
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हो गया। मौके पर एसडीएम, तहसीलदार और धरसीवां थाना पुलिस की टीम पहुंची। किसी बड़े हादसे की आशंका को देखते हुए इलाके की बिजली सप्लाई बंद कराई (Silatra Incident) गई, ताकि ग्रामीण को सुरक्षित नीचे उतारने की कोशिश की जा सके। अधिकारियों की मौजूदगी और बिजली काटे जाने की जानकारी भी स्थानीय रिपोर्ट में सामने आई है।
लिखित आश्वासन की मांग पर अड़ा ग्रामीण
नीचे खड़े अधिकारी लाउडस्पीकर के जरिए किशन लाल निषाद से लगातार नीचे उतरने की अपील कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि ग्रामीण अपनी जमीन को कंपनी और कथित भू-माफिया के कब्जे से मुक्त कराने की लिखित गारंटी मांग रहा है। परिजनों का कहना है कि उसने पहले भी कई बार शिकायतें की थीं, लेकिन मामला आगे नहीं बढ़ा। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता उसे सुरक्षित नीचे उतारना और हालात को नियंत्रण में रखना है। इस तरह की मांग और मौके की तनावपूर्ण स्थिति का उल्लेख उपलब्ध स्थानीय रिपोर्ट में भी है।
दस्तावेजों की जांच और रेस्क्यू पर फोकस
मौके पर मौजूद राजस्व और पुलिस अमला अब जमीन विवाद से जुड़े दस्तावेजों की भी पड़ताल (Silatra Incident) कर रहा है। कंपनी प्रबंधन से रिकॉर्ड तलब किए जाने की बात कही जा रही है। वहीं, प्रशासन रेस्क्यू टीम और सुरक्षा इंतजाम के जरिए किसी अनहोनी को टालने में जुटा है। फिलहाल पूरा क्षेत्र सतर्कता के घेरे में है और स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। अभी तक मुझे इस घटना पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान नहीं मिला, इसलिए जमीन कब्जे के आरोपों को आरोप के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।





