सीजी भास्कर, 17 मार्च। आईपीएल 2026 सीजन शुरू होने से पहले BCCI ने सभी फ्रेंचाइजी टीमों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी कर (IPL 2026 rules BCCI) दिए हैं। इस बार बोर्ड का फोकस साफ है फेयर प्ले और पिच की सुरक्षा।
इसी के तहत एक नया नियम सबसे ज्यादा चर्चा में हैफ्लडलाइट्स में होने वाले प्रैक्टिस मैच अब साढ़े तीन घंटे से ज्यादा नहीं चलेंगे। अगर कोई टीम इस नियम को नजरअंदाज करती है, तो उसे कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
क्या है ‘3.5 घंटे वाला नियम’?
नए गाइडलाइंस के अनुसार, टीमें अधिकतम दो प्रैक्टिस मैच ही खेल सकती हैं और इसके लिए भी पहले अनुमति लेना जरूरी होगा।
अगर ये मैच फ्लडलाइट्स के नीचे खेले जाते हैं, तो उनकी अवधि 3 घंटे 30 मिनट से ज्यादा नहीं होगी। इसका मकसद साफ हैमैच पिच को ज्यादा घिसने से बचाना और पूरे टूर्नामेंट में उसकी गुणवत्ता बनाए रखना।
नेट्स और पिच पर भी सख्ती
BCCI ने सिर्फ समय सीमा ही नहीं, बल्कि नेट्स और पिच के इस्तेमाल को लेकर भी स्पष्ट नियम तय किए हैं।
कोई टीम दूसरी टीम द्वारा इस्तेमाल की गई नेट्स या पिच का उपयोग नहीं करेगी
हर फ्रेंचाइजी को अलग और फ्रेश प्रैक्टिस एरिया मिलेगा
एक टीम के अभ्यास के दौरान दूसरी टीम उसी जगह प्रैक्टिस नहीं कर सकेगी
पहले होम मैच से चार दिन पहले मुख्य पिच पर कोई अभ्यास नहीं होगा
जरूरत पड़ने पर टीमों को वैकल्पिक ग्राउंड भी उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि तैयारी प्रभावित न हो।
मेहमान टीम को मिलेगा फायदा
अगर शेड्यूल या प्रैक्टिस को लेकर टकराव होता है, तो इस बार अवे (मेहमान) टीम को प्राथमिकता दी जाएगी।
यह कदम इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि पिछले सीजन में कुछ टीमों पर होम कंडीशन का ज्यादा फायदा उठाने के आरोप लगे थे। अब नए नियमों के जरिए इस असंतुलन को खत्म करने की कोशिश की जा रही है।
क्यों जरूरी थे ये नियम?
बीते सीजन में पिच के ज्यादा इस्तेमाल और असमान तैयारी को लेकर सवाल उठे थे। इससे मैच की गुणवत्ता और निष्पक्षता दोनों प्रभावित हुई थीं।
अब BCCI ने सख्ती दिखाते हुए साफ कर दिया है कि इस बार कोई भी टीम नियमों से समझौता नहीं कर पाएगी।





