सीजी भास्कर, 17 मार्च। छत्तीसगढ़ की जेलों में बढ़ती भीड़ और सुविधाओं की कमी को लेकर Chhattisgarh High Court ने कड़ा रुख (Chhattisgarh High Court Jail Order) अपनाया है। चीफ जस्टिस Ramesh Sinha और जस्टिस Ravindra Kumar Agrawal की डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि नई जेलों के निर्माण में मॉडल जेल मैनुअल 2016 का सख्ती से पालन किया जाए। मामले की अगली सुनवाई 5 मई को तय की गई है, जहां सरकार को विस्तृत रिपोर्ट पेश करनी होगी।
ओवरक्राउडिंग और सुविधाओं की कमी पर उठे सवाल
प्रदेश की जेलों में कैदियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे ओवरक्राउडिंग की स्थिति बन रही है। इसके साथ ही स्वास्थ्य सुविधाओं और बुनियादी व्यवस्थाओं को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं।
इन्हीं मुद्दों को लेकर बिलासपुर निवासी शिवराज सिंह ने याचिका दायर की थी, जिस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने इसे गंभीरता से लिया। कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेकर भी इस मामले की निगरानी शुरू कर दी है।
सरकार ने दी सफाई, नई जेल निर्माण का दावा
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से डीजी जेल का शपथपत्र पेश किया गया। इसमें बताया गया कि बिलासपुर के बैमा-नगई में नई जेल का निर्माण तेजी (Chhattisgarh High Court Jail Order) से चल रहा है। सरकार का दावा है कि यह निर्माण मॉडल जेल मैनुअल 2016 के मानकों से भी बेहतर स्तर पर किया जा रहा है। गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए चार सदस्यीय कमेटी का गठन भी किया गया है, जो समय-समय पर निरीक्षण कर रही है।
बेमेतरा में ओपन जेल तैयार, क्षमता 200 कैदी
सरकार ने यह भी जानकारी दी कि बेमेतरा में 200 कैदियों की क्षमता वाली ओपन जेल का निर्माण पूरा हो चुका है। यह जेल केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप बनाई गई है और जल्द ही इसे पूरी तरह संचालित किया जाएगा।
हाईकोर्ट ने मांगी पूरी रिपोर्ट, तय किए 11 बिंदु
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि 5 मई तक प्रदेश की सभी जेलों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की जाए। डीजी जेल को यह बताना होगा कि वर्तमान जेलों की वास्तविक क्षमता क्या है और वहां कैदियों को मॉडल मैनुअल के अनुसार पर्याप्त जगह मिल रही है या नहीं। साथ ही कोर्ट ने जेल निर्माण और संचालन में 11 प्रमुख बिंदुओं के पालन को सुनिश्चित करने और नियमित निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए हैं।
अब सरकार की परीक्षा, सुधार दिखाना होगा जमीनी स्तर पर
हाईकोर्ट की सख्ती के बाद अब राज्य सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती इन निर्देशों को जमीनी स्तर पर लागू (Chhattisgarh High Court Jail Order) करना है। जेल सुधार लंबे समय से एक गंभीर मुद्दा रहा है, ऐसे में यह आदेश व्यवस्था को सुधारने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।





