सीजी भास्कर, 17 मार्च। चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 19 मार्च से होने जा रही है और इसके साथ ही Bamleshwari Temple में भक्ति और आस्था का भव्य नजारा देखने (Navratri 2026 Dongargarh Temple) को मिलेगा। इस बार मां बम्लेश्वरी धाम में 8 हजार से ज्यादा ज्योति कलश प्रज्वलित किए जाएंगे, जिससे पूरा मंदिर परिसर रोशनी और श्रद्धा से जगमगा उठेगा। हर साल की तरह इस बार भी लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने पहले से ही व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं।
पहाड़ी से नीचे तक रोशनी ही रोशनी, अलग-अलग स्थानों पर कलश
नवरात्रि के दौरान नीचे स्थित मंदिर में 901 ज्योति कलश जलाए जाएंगे, जबकि पहाड़ी पर स्थित मुख्य मंदिर में करीब 7,500 कलश प्रज्वलित होंगे। सभी दीप तेल से जलाए जाएंगे, जिससे पूरे धाम में दिव्यता और आध्यात्मिक ऊर्जा का विशेष माहौल बनेगा। नौ दिनों तक चलने वाले इस पर्व में डोंगरगढ़ आस्था के केंद्र के रूप में पूरी तरह जीवंत हो जाता है, जहां दूर-दराज से श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
इतिहास और परंपरा से जुड़ा है बम्लेश्वरी धाम
मां बम्लेश्वरी मंदिर का इतिहास आस्था और परंपराओं से गहराई से जुड़ा हुआ है। मान्यताओं के अनुसार इसका संबंध प्राचीन कथाओं से भी जोड़ा (Navratri 2026 Dongargarh Temple) जाता है, जबकि ऐतिहासिक रूप से इसे खैरागढ़ रियासत के राजा कमलनारायण सिंह द्वारा लगभग 200 वर्ष पहले बनवाया गया था। बाद में राजा बीरेन्द्र बहादुर सिंह द्वारा मंदिर संचालन के लिए ट्रस्ट का गठन किया गया, जो आज तक व्यवस्थाओं को संभाल रहा है।
रेलवे ने बढ़ाई सुविधाएं, यात्रियों के लिए खास इंतजाम
नवरात्रि में बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने डोंगरगढ़ स्टेशन पर विशेष व्यवस्थाएं की हैं। अतिरिक्त ट्रेनों का संचालन शुरू किया गया है और कई प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों का अस्थायी ठहराव भी यहां दिया गया है। इससे छत्तीसगढ़ के साथ-साथ महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और अन्य राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं को यात्रा में बड़ी राहत मिलेगी।
एक हजार जवान तैनात, हर जगह रहेगी निगरानी
आस्था, रोशनी और व्यवस्था का संगम बनेगा डोंगरगढ़
सुरक्षा के लिहाज से इस बार करीब एक हजार पुलिस जवानों की तैनाती की जा रही है। मंदिर परिसर, पदयात्री मार्ग, रेलवे स्टेशन और शहर के प्रमुख स्थानों पर कड़ी निगरानी (Navratri 2026 Dongargarh Temple) रखी जाएगी। पुलिस अधीक्षक Ankita Sharma के निर्देश पर क्विक रिस्पांस टीम (QRT) भी तैयार की गई है, जो किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई करेगी।
इस बार का नवरात्रि पर्व सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था और आधुनिक व्यवस्थाओं का एक संतुलित उदाहरण बनने जा रहा है। हजारों ज्योति कलशों की रोशनी, सुदृढ़ सुरक्षा और बेहतर यातायात व्यवस्था के बीच डोंगरगढ़ एक बार फिर श्रद्धालुओं को दिव्य अनुभव देने के लिए तैयार है।





