सीजी भास्कर, 18 मार्च। एसईसीएल की दीपका खदान में एक युवा श्रमिक की संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके को हिला (SECL Dipka Mine Death) दिया है। घटना के बाद न सिर्फ खदान परिसर में हलचल मच गई, बल्कि आक्रोशित परिजन और साथी ड्राइवर सड़क पर उतर आए। कलिंगा कंपनी के मुख्य द्वार पर चक्का जाम होने से खदान का काम पूरी तरह ठप पड़ गया है।
मृतक की पहचान अण्डीकछार निवासी जुरखन जांगड़े (32 वर्ष) के रूप में हुई है, जो कलिंगा कंपनी में कार्यरत था। बताया जा रहा है कि वह मंगलवार रात करीब साढ़े नौ बजे सेकंड शिफ्ट में ड्यूटी के लिए खदान पहुंचा था, लेकिन कुछ ही देर बाद संदिग्ध हालात में उसकी मौत हो गई।
ड्यूटी पर गया, फिर नहीं लौटा-रहस्य गहराया
घटना को लेकर अभी तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। परिजनों का कहना है कि जिस तरह से घटना हुई, उसमें कई सवाल खड़े होते हैं।बताया जा रहा है कि रात की शिफ्ट के दौरान अचानक हालात बिगड़े, लेकिन घटना की सही जानकारी समय पर सामने नहीं आई, जिससे संदेह और बढ़ गया है।
गेट पर चक्का जाम, कंपनी के खिलाफ खुला गुस्सा
बुधवार सुबह होते ही परिजनों और साथी ड्राइवरों का गुस्सा (SECL Dipka Mine Death) फूट पड़ा। बड़ी संख्या में लोग कलिंगा कंपनी के गेट पर जमा हो गए और जाम लगाकर विरोध शुरू कर दिया। इस दौरान खदान का पूरा काम प्रभावित हो गया और अंदर-बाहर वाहनों की आवाजाही थम गई। मौके पर तनाव का माहौल बना हुआ है।
‘मामला दबाने की कोशिश’-परिजनों के गंभीर आरोप
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि घटना के बाद कुछ लोग मामले को दबाने की कोशिश कर रहे हैं। उनका कहना है कि परिवार पर समझौते का दबाव बनाया जा रहा है, जिसे वे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं करेंगे। परिजनों ने साफ कहा कि उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि लिखित रूप में मुआवजा और न्याय चाहिए।
चार बड़ी मांगों पर अड़े प्रदर्शनकारी
आक्रोशित लोगों ने प्रशासन और कंपनी के सामने अपनी मांगें रखी हैं-
मृतक परिवार को उचित आर्थिक मुआवजा
परिवार के एक सदस्य को स्थायी नौकरी
पूरे मामले की निष्पक्ष जांच
खदान में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा
पुलिस जांच में जुटी, स्थिति संभालने की कोशिश
दीपका थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई है और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास कर रही है। साथ ही मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा।
अब सवाल-हादसा या लापरवाही?
दीपका खदान में हुई यह घटना एक बार फिर सुरक्षा मानकों पर सवाल (SECL Dipka Mine Death) खड़े कर रही है। अब सबकी नजर जांच पर है – क्योंकि सच सामने आने के बाद ही तय होगा कि यह महज एक हादसा था या किसी बड़ी लापरवाही का नतीजा।





