सीजी भास्कर, 19 मार्च। चैत्र नवरात्रि की शुरुआत के साथ ही पूरे शहर में भक्ति का माहौल (Mahamaya Temple Ratanpur Navratri) नजर आया। खासकर महामाया देवी मंदिर में पहले ही दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जहां सुबह से ही दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी रहीं।
फूलों से सजा भव्य दरबार, सुबह 5 बजे खुले कपाट
नवरात्रि के अवसर पर महामाया देवी मंदिर को करीब 2 क्विंटल फूलों से भव्य रूप से सजाया गया। तड़के 5 बजे मंदिर के कपाट खुले, जिसके बाद विशेष स्नान और पूजा-अर्चना का क्रम शुरू हुआ। 101 पंडितों ने विधि-विधान से मंत्रोच्चार के साथ घटस्थापना कराई, जिससे पूरे परिसर में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ।
25 हजार ज्योति कलश से जगमगाया मंदिर परिसर
इस बार मंदिर में करीब 25 हजार ज्योति कलश प्रज्वलित किए गए, जिसने पूरे परिसर को रोशनी और आस्था से भर दिया। नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की गई।
शहर के मंदिरों में भी उमड़ी भीड़
बिलासपुर के पीतांबरा पीठ, काली मंदिर, हरदेव लाल मंदिर और गायत्री मंदिर सहित अन्य देवी मंदिरों में भी सुबह से श्रद्धालु बड़ी संख्या (Mahamaya Temple Ratanpur Navratri) में पहुंचे। भजन-कीर्तन, दुर्गा सप्तशती पाठ और रामायण पाठ के साथ मंदिरों में “जय माता दी” के जयकारे गूंजते रहे।
विशेष संयोग में हुई घटस्थापना
इस बार नवरात्रि खास ज्योतिषीय संयोग के साथ शुरू हुई। सुबह शुभ मुहूर्त में घटस्थापना की गई, जिसे अत्यंत शुभ माना जा रहा है।
काल भैरव मंदिर में भी विशेष अनुष्ठान
रतनपुर स्थित काल भैरव मंदिर में भी विशेष पूजा, रुद्राभिषेक और ज्योति कलश प्रज्ज्वलन किया गया। यहां भी सुबह से श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
पूरे नौ दिन रहेगा भक्तिमय माहौल
19 मार्च से शुरू हुआ यह पर्व 9 दिनों तक (Mahamaya Temple Ratanpur Navratri) चलेगा, जिसमें हर दिन देवी के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाएगी।


